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नोटिस : गढ़वा समाचार देखने के लिए प्ले स्टोर से गढ़वा समाचार डाउन लोड करे : वीडियो के साथ यूट्यूब पर भी पूरा देखे,खबरे फेसबुक पर भी उपलब्ध है ,यूट्यूब पर सब्सक्राइब जरुर करें और शेयर करना ना भूलें शैक्षणिक भ्रमण से हमारा दृष्टिकोण विस्तृत होता है- प्राचार्य गढ़वा : सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्थानीय जी एन कान्वेंट स्कूल, गढ़वा के छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय उद्यान बेतला तथा सुग्गाबान्ध वॉटरफॉल सहित अन्य विभिन्न स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण निदेशक, सचिव सुषमा केशरी, विद्यालय के प्राचार्य बसंत ठाकुर तथा वरीय शिक्षक विनय कुमार दुबे के नेतृत्व में कराया गया। छात्र-छात्राओं ने प्राकृतिक परिदृश्य का अवलोकन करते हुए वनभोज का खूब आनंद लिया। इस भ्रमण के क्रम में निदेशक श्री केशरी ने बताया कि पर्यटन स्थलों में जाने से मनोरंजन के साथ-साथ आत्मचिंतन एवम आत्मविश्वास की भावना जगती है।
विषय परक ही नहीं वैवहारिक परक भी खोलता है शैक्षणिक भ्रमण। यह हमारा ज्ञान बर्धन कराता है. यह भी शिक्षा का एक बेजोड़ माध्यम है। ऐतिहासिक, भौगोलिक, प्राकृतिक तथा पर्यावरण सम्बन्धी विशेष जानकारी प्राप्त होता है।विद्यालय के प्राचार्य बसंत ठाकुर ने कहा कि प्रकृति के काफी नजदीक में जाने से प्रायोगिक तौर पर सीखने और जानने का मौका मिलता है। आत्मविश्वास, भाईचारे की भावना सहिष्णुता, सहानुभूति तथा प्रेम की भावना प्रबल होती है। वन और वन्यप्राणियों के नजदीक में जाने से ज्ञान की नीव मजबूत होती है। भ्रमण से हमारा दृश्टिकोण विस्तृत होता है । विचारों में उदारता आती है। इस क्रम में बच्चों का भी सहयोग सरहानीय रहा शिक्षकों के निर्देशन में छात्र-छात्राओं ने अनुसाशन का पालन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
विषय परक ही नहीं वैवहारिक परक भी खोलता है शैक्षणिक भ्रमण। यह हमारा ज्ञान बर्धन कराता है. यह भी शिक्षा का एक बेजोड़ माध्यम है। ऐतिहासिक, भौगोलिक, प्राकृतिक तथा पर्यावरण सम्बन्धी विशेष जानकारी प्राप्त होता है।विद्यालय के प्राचार्य बसंत ठाकुर ने कहा कि प्रकृति के काफी नजदीक में जाने से प्रायोगिक तौर पर सीखने और जानने का मौका मिलता है। आत्मविश्वास, भाईचारे की भावना सहिष्णुता, सहानुभूति तथा प्रेम की भावना प्रबल होती है। वन और वन्यप्राणियों के नजदीक में जाने से ज्ञान की नीव मजबूत होती है। भ्रमण से हमारा दृश्टिकोण विस्तृत होता है । विचारों में उदारता आती है। इस क्रम में बच्चों का भी सहयोग सरहानीय रहा शिक्षकों के निर्देशन में छात्र-छात्राओं ने अनुसाशन का पालन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।






