गढ़वा :बीएसकेडी पब्लिक स्कूल, गढ़वा में 24 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय खेल महोत्सव का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। इस ...
गढ़वा :बीएसकेडी पब्लिक स्कूल, गढ़वा में 24 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय खेल महोत्सव का भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी विद्यालय के निदेशक संजय सोनी ने दी।खेल महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा मशाल प्रज्वलन, खेल ध्वज फहराकर तथा रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर किया गया। इस भव्य उद्घाटन के साथ ही विद्यालय परिसर खेल और उत्साह के रंग में रंग गया।इसके उपरांत विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च पास्ट, आकर्षक ड्रिल प्रदर्शन तथा खेल शपथ प्रस्तुत की। बच्चों के अनुशासन, तालमेल और जोश से भरे प्रदर्शन ने मंच पर उपस्थित अतिथियों सहित अभिभावकों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस खेल महोत्सव में कुल 38 विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रत्येक खेल के लिए खेल की प्रकृति के अनुरूप विशेष ड्रेस कोड एवं फैंसी ड्रेस निर्धारित की गई थी, जिससे पूरा वातावरण अत्यंत रंगीन, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण नजर आया।प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए प्रमाण पत्र एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। खेल महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास करना रहा। मौके पर उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि“खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार हैं। इससे न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और नैतिक विकास भी होता है। इस तरह के खेल आयोजनों से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि“खेल बच्चों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। खेलों से टीम वर्क, धैर्य और अनुशासन सीखने को मिलता है, जो जीवन में सफलता के लिए बेहद आवश्यक है।” वही विद्यालय के निदेशक संजय सोनी ने कहा कि बीएसकेडी पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी समान महत्व देता है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है। इस खेल महोत्सव के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया गया है।” इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य शिक्षक शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा।
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