गढ़वा, 26 अगस्त। सदर अस्पताल के सामने स्थित उमा क्लीनिक में बुधवार को डॉक्टर आशीष कुमार गुप्ता एवं मेक्लियोड्स कंपनी के रेसपीमेक...
गढ़वा, 26 अगस्त। सदर अस्पताल के सामने स्थित उमा क्लीनिक में बुधवार को डॉक्टर आशीष कुमार गुप्ता एवं मेक्लियोड्स कंपनी के रेसपीमेक डिवीजन की ओर से श्वसन संबंधी रोगों की जांच के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ डॉक्टर आशीष कुमार गुप्ता की माता जायंट्स ग्रुप गढ़वा सहेली की पूर्व अध्यक्ष गायत्री गुप्ता के कर कमलों द्वारा किया गया। शिविर में आधुनिक स्पाइरोमेट्री मशीन के माध्यम से मरीजों के फेफड़ों की कार्यक्षमता एवं श्वसन क्षमता की जांच की गई।डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने बताया कि गढ़वा जिले में इस प्रकार की आधुनिक स्पाइरोमेट्री जांच की शुरुआत नि:शुल्क कैंप के माध्यम से पहली बार की जा रही है। स्पाइरोमेट्री एक महत्वपूर्ण पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PFT) है, जिसके माध्यम से फेफड़ों द्वारा हवा को अंदर लेने और बाहर निकालने की क्षमता का चिकित्सकीय आकलन किया जाता है। यह जांच विशेष रूप से लंबे समय से खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न, बार-बार घरघराहट तथा अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती है।शिविर में जांच के लिए मेक्लियोड्स कंपनी की ओर से रांची से टेक्नीशियन आयुष पांडे को विशेष रूप से भेजा गया है। उनके द्वारा अत्याधुनिक मशीन से मरीजों की स्पाइरोमेट्री जांच की गई। कैंप के दौरान लगभग 45 श्वसन संबंधी मरीजों की नि:शुल्क जांच की गई। जांच के दौरान कुछ मरीजों में श्वसन संबंधी परेशानी के संकेत पाए गए, जिन्हें डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार संबंधी सुझाव दिए।डॉ. आशीष ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में इस प्रकार की जांच कराने में मरीजों को लगभग 800 से 1200 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं, लेकिन इस शिविर के माध्यम से मरीजों को यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि श्वसन संबंधी बीमारी को लंबे समय तक नजरअंदाज करना उचित नहीं है। लगातार सांस फूलना, खांसी, सीने में जकड़न या सांस लेते समय घरघराहट जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि भविष्य में भी उमा क्लीनिक में इस तरह के नि:शुल्क श्वसन जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। हालांकि अगले कैंप की तारीख और समय अभी निर्धारित नहीं किया गया है। जल्द ही इसकी सूचना जारी कर मरीजों को अवगत कराया जाएगा।शिविर का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं श्वसन संबंधी समस्या से पीड़ित मरीजों को आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध कराना तथा फेफड़ों से संबंधित बीमारियों की समय रहते पहचान कर उचित चिकित्सकीय परामर्श प्रदान करना रहा। सिविल को सफल बनाने में क्लीनिक के कर्मियों में मंतोष कुमार एवं महमूद अंसारी का विशेष योगदान रहा।
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