गढ़वा। डंडई थाना क्षेत्र के करके गांव के यादव टोला में जमीन विवाद को लेकर राजेन्द्र यादव उर्फ बुग्गी यादव की हत्या का पुलिस ने ख...
गढ़वा। डंडई थाना क्षेत्र के करके गांव के यादव टोला में जमीन विवाद को लेकर राजेन्द्र यादव उर्फ बुग्गी यादव की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार मृतक के भतीजे मुन्नू यादव ने हत्या की बात स्वीकार की है। साक्ष्य छिपाने में उसकी चाची मिला देवी के सहयोग की बात भी सामने आई है।पुलिस को 24 अगस्त की शाम करीब पांच बजे सूचना मिली थी कि करके गांव के यादव टोला स्थित मकई के खेत में राजेन्द्र यादव उर्फ बुग्गी यादव का शव पड़ा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गढ़वा दिल्लू लोहरा के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई।घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान मृतक के सिर के पीछे और पैर में खून लगा जख्म पाया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, गढ़वा भेजा गया। मामले में डंडई थाना कांड संख्या 110/2026, 25 अगस्त 2026, धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।अनुसंधान के दौरान 25 अगस्त को मृतक के भतीजे मुन्नू यादव को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपने चाचा की हत्या करने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि हत्या के बाद शव को मकई के खेत में छिपा दिया गया था। उसकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन भी मकई के खेत से बरामद किया गया।पुलिस के अनुसार पूछताछ में जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद की बात सामने आई। मृतक जमीन बेचने का प्रयास कर रहा था, जबकि परिवार में इसे लेकर विवाद होता रहता था। पुलिस के मुताबिक मृतक की केवल दो बेटियां होने के कारण जमीन हड़पने के उद्देश्य से हत्या की योजना बनाई गई थी।पुलिस ने मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।वही मेराल थाना क्षेत्र के ग्राम पढुआ में बुधवार को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर जागरूकता सभा का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी मेराल विष्णुकांत ने ग्रामीणों को बढ़ते साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उससे बचने के उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।सभा में ग्रामीणों को अनजान फोन कॉल, संदिग्ध मैसेज और लिंक से सावधान रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए।ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने तथा सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के संबंध में भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी की रकम को बचाने का प्रयास किया जा सके।जागरूकता सभा के दौरान ग्रामीणों से स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
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