गढ़वा। गढ़वा जिले के पत्रकारिता जगत के लिए बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। जिला मुख्यालय के युवा पत्रकार रजनीश ठाकुर उर...
गढ़वा। गढ़वा जिले के पत्रकारिता जगत के लिए बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। जिला मुख्यालय के युवा पत्रकार रजनीश ठाकुर उर्फ बंटी ठाकुर का शनिवार की देर रात सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही गढ़वा शहर से लेकर पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।जानकारी के अनुसार रजनीश ठाकुर रात्रि करीब 12 से 1 बजे के बीच अपने ससुराल रमना जाने के क्रम में रमना के आसपास एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही परिजनों, शुभचिंतकों और पत्रकार जगत में मातम पसर गया।रजनीश ठाकुर ‘गढ़ देवी टाइम्स’ के संचालक थे। इससे पूर्व वे कई वर्षों तक जिला मुख्यालय से प्रिंट मीडिया में संवाददाता के रूप में पत्रकारिता करते रहे। प्रिंट मीडिया से अलग होने के बाद उन्होंने गढ़ देवी टाइम्स के माध्यम से क्षेत्र की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी।मूल रूप से विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र के गोदरमाकला निवासी रजनीश ठाकुर का इस तरह असमय चले जाना उनके परिवार और परिचितों के लिए गहरा आघात है। बताया जाता है कि उनके विवाह को अभी लगभग पांच वर्ष ही हुए थे। वे अपनी पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चों को पीछे छोड़ गए हैं। परिवार पर अचानक टूटे इस दुख के कारण हर आंख नम है।
दुर्घटना के बाद उनके पार्थिव शरीर को गढ़वा सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा, जहां परिजनों द्वारा विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।रजनीश ठाकुर के निधन की खबर से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों में गहरा शोक है। साथ ही पत्रकारों के लिए उनका इस तरह अचानक चले जाना बेहद पीड़ादायक है। पत्रकारिता जगत के साथ-साथ प्रशासनिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के लोगों, समाजसेवियों तथा शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।युवा पत्रकार के असमय निधन से पूरे जिले में एक ही सवाल गूंज रहा है—जिस उम्र में परिवार और समाज के लिए कई सपने संजोए जाते हैं, उस उम्र में एक पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़कर रजनीश का यूं चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उनके निधन से परिवार ने अपना प्रिय सदस्य, बच्चों ने अपना पिता और पत्रकारिता जगत ने अपना एक साथी खो दिया है।
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