गढ़वा। डॉक्टर दिवस के पावन अवसर पर चिकित्सा सेवा को मानवता के प्रति समर्पण का स्वरूप देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन...
गढ़वा। डॉक्टर दिवस के पावन अवसर पर चिकित्सा सेवा को मानवता के प्रति समर्पण का स्वरूप देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गढ़वा द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वैच्छिक मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अरशद अंसारी की अध्यक्षता तथा सचिव डॉ. नीतू सिंह के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे आयोजन में सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ कैनेडी ने रक्तदाताओं को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया। उन्होंने रक्तदान करने वाले सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं समाजसेवियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि डॉक्टर केवल इलाज ही नहीं करते, बल्कि समय-समय पर रक्तदान जैसे महादान के माध्यम से समाज के प्रति अपने दायित्व का भी निर्वहन करते हैं।
इस अवसर पर आईएमए की सचिव सह महिला चिकित्सक डॉ. नीतू सिंह ने स्वयं रक्तदान कर एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके इस कदम से प्रेरित होकर कई महिला चिकित्सकों ने भी उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। महिला चिकित्सकों में रक्तदान के प्रति उमड़े इस जज्बे की सिविल सर्जन ने विशेष सराहना करते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसी पहल समाज में जागरूकता का नया संदेश देती है। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. कैनेडी ने कहा कि:"रक्तदान जीवन बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। डॉक्टर दिवस पर चिकित्सकों द्वारा किया गया यह रक्तदान समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।"वही आईएमए अध्यक्ष डॉ. अरशद अंसारी ने कहा कि:"चिकित्सक का धर्म केवल उपचार करना नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में मानवता की सेवा करना है। रक्तदान उसी सेवा का श्रेष्ठ स्वरूप है।"वही
आईएमए सचिव डॉ. नीतू सिंह ने कहा कि:"यदि हम स्वयं आगे बढ़ेंगे, तभी समाज भी प्रेरित होगा। हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए।"वही डीएस डॉ. माहेरू यमानी ने कहा कि:
"इस प्रकार के आयोजन जरूरतमंद मरीजों के लिए अमूल्य साबित होते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।" वही रक्तदाता डॉ. निशांत सिंह ने कहा कि
"डॉक्टर्स डे पर रक्तदान करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान और मानवता की सच्ची सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन दे सकता है। मैं सभी स्वस्थ लोगों से अपील करता हूं कि वे नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के इस महादान अभियान से जुड़ें।"वही रक्तदाता डॉ. स्नेहलता राज ने कहा कि "रक्तदान एक सुरक्षित, सरल और जीवन बचाने वाला कार्य है। डॉक्टर होने के नाते समाज को जागरूक करना हमारी जिम्मेदारी है। यदि हमारे रक्त से किसी मरीज की जान बचती है, तो इससे बड़ी खुशी और कोई नहीं हो सकती। विशेषकर महिलाओं को भी बिना किसी संकोच के स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।" वही डॉ. असजद अंसारी एवं डॉ राकेश तरुण ने संदेश दिया कि "रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। डॉक्टर दिवस का सबसे बड़ा संदेश यही है कि सेवा, संवेदना और मानवता को जीवन का हिस्सा बनाएं तथा अधिक से अधिक लोग स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के इस पुण्य कार्य से जुड़ें।"रक्तदान शिविर में महिला एवं पुरुष चिकित्सकों के
साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थानों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। सिपाका टीम ने 4 यूनिट तथा परमेश्वरी मेडिकल सेंटर के स्टाफ ने 10 यूनिट रक्तदान किया। वहीं डॉ. निशांत सिंह, डॉ. नीतू सिंह, डॉ राकेश तरुण, डॉ. पी. कश्मूर, डॉ. विमल, डॉ. सुष्मिता, डॉ. स्नेहलता राज, डॉ. निखत परवीन सहित कई चिकित्सकों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया। शिविर में डॉक्टरों के साथ अन्य रक्तदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।इस अवसर पर डीएस डॉ. माहेरू यमानी, डॉ. असजद अंसारी सहित ब्लड बैंक के स्वास्थ्यकर्मी एवं आईएमए के सदस्य उपस्थित रहे। पूरे शिविर में कुल 38 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होगा।
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