गढ़वा। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गढ़वा की ओर से "वॉक फॉर लाइफ" वॉकाथ...
गढ़वा। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गढ़वा की ओर से "वॉक फॉर लाइफ" वॉकाथॉन का भव्य आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया। सदर अस्पताल से प्रारंभ हुई यह जागरूकता रैली समाहरणालय परिसर तक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए गढ़वा के अध्यक्ष डॉ. अरशद अंसारी ने की, जबकि आयोजन का सफल संचालन एवं सचिव डॉ. नीतू सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। वॉकाथॉन के दौरान डॉक्टरों ने लोगों को नियमित पैदल चलने, व्यायाम करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। डॉक्टरों ने बताया कि 1 जुलाई महान चिकित्सक एवं भारत रत्न डॉ. विहान चंद्र राय की जयंती एवं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में पूरे देश में डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ी पूंजी है और प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कम-से-कम 30 मिनट पैदल चलना या व्यायाम अवश्य करना चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय, मधुमेह, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी अनेक समस्याओं से बचाव में सहायक होती है।
आईएमए के चिकित्सकों ने कहा कि "सिर्फ कमाना ही जरूरी नहीं, चलना भी जरूरी है। हेल्थ इज़ ऑलवेज वेल्थ।" उन्होंने लोगों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए नियमित व्यायाम अपनाने की अपील की।चिकित्सकों ने यह भी कहा कि डॉक्टर भी समाज का ही हिस्सा हैं और दिन-रात जनता की सेवा में समर्पित रहते हैं। चाहे सरकारी अस्पताल हो या निजी क्लीनिक, प्रत्येक डॉक्टर का उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। उन्होंने डॉक्टर और आम जनता के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और बेहतर संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया।डॉक्टर्स डे के अवसर पर सदर अस्पताल परिसर में सुबह 11 बजे से मेगा रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया है, जिसमें लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने का आह्वान किया गया। चिकित्सकों ने क्या कहा आइए जानते हैं :
डॉ. अरशद अंसारी: स्वस्थ समाज का निर्माण नियमित व्यायाम और जागरूकता से ही संभव है।
डॉ. नीतू सिंह: हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलने की आदत विकसित करनी चाहिए।
डॉ. निशांत सिंह: जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव कई गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं।
डॉ. माहेरू यमानी: रोकथाम, उपचार से बेहतर है; नियमित वॉक सबसे आसान उपाय है।
डॉ. जे.पी. सिंह: स्वस्थ शरीर ही खुशहाल जीवन की सबसे मजबूत नींव है।
डॉ. एन.के. रजक: समय पर जांच, संतुलित आहार और व्यायाम बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी हैं। ...... डॉ. असजद अंसारी: नियमित वॉक और संतुलित जीवनशैली से अधिकांश गैर-संचारी बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।
डॉ. राकेश तरुण: स्वस्थ रहने के लिए दवा से पहले दिनचर्या और अनुशासन पर ध्यान देना जरूरी है।
डॉ. पीयूष प्रमोद: समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और नियमित व्यायाम हर व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए।
डॉ. प्रशांत प्रमोद: फिट शरीर और स्वस्थ मन, दोनों के लिए प्रतिदिन पैदल चलना सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।
डॉ. पंकज प्रभात: बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद और नियमित वॉक आवश्यक है।
डॉ. पूजा कुमारी: महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद महत्वपूर्ण है।
डॉ.स्नेहलता राज एवं डॉ निखत प्रवीण: स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
डॉ. पी. कश्मूर एवं डॉ टी पीयूष : छोटी-छोटी अच्छी आदतें लंबे समय तक अच्छे स्वास्थ्य की आधारशिला बनती हैं।
डॉ. अरुण कुमार: डॉक्टर का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक करना भी है।
फार्मासिस्ट एवं समाजसेवियों ने कहा,:
शशि यादव (फार्मासिस्ट): सही दवा के साथ सही जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी है, तभी बेहतर स्वास्थ्य संभव है।
विवेक कश्यप (फार्मासिस्ट): बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।
अशफाक अंसारी (फार्मासिस्ट): जागरूकता ही बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
शक्ति सिंह (समाजसेवी): डॉक्टर समाज के सच्चे प्रहरी हैं। हमें उनके सम्मान के साथ उनके बताए स्वास्थ्य संबंधी सुझावों को भी अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
अमित कश्यप (समाजसेवी): स्वस्थ समाज के निर्माण में डॉक्टरों के साथ-साथ आम नागरिकों की भी समान भागीदारी जरूरी है।
राम नारायण प्रसाद (समाजसेवी): नियमित व्यायाम, स्वच्छता और रक्तदान जैसी सेवाएं समाज को मजबूत बनाती हैं।
राजमणि प्रसाद (समाजसेवी): स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ी सामाजिक सेवा है।
रघुवीर प्रसाद (समाजसेवी): डॉक्टरों और जनता के बीच विश्वास और सहयोग का रिश्ता हमेशा मजबूत रहना चाहिए।
"स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के लिए प्रतिदिन कम-से-कम 30 मिनट वॉक करें, संतुलित भोजन लें, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, रक्तदान जैसे महादान में भाग लें तथा डॉक्टरों और आम जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को मजबूत बनाएं। यही डॉक्टर्स डे का वास्तविक संदेश है।इस अवसर पर आईएमए के चिकित्सकों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के समाजसेवी, फार्मासिस्ट एवं स्वास्थ्यकर्मी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ. अरशद अंसारी, सचिव डॉ. नीतू सिंह, डॉ. निशांत सिंह, डॉ. माहेरू यमानी, डॉ. असजद अंसारी, डॉ. जे.पी. सिंह, डॉ. एन.के. रजक, डॉ. स्नेहलता राज, डॉ. राकेश तरुण, डॉ. पीयूष प्रमोद, डॉ. प्रशांत प्रमोद, डॉ. पंकज प्रभात, डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. निखत प्रवीण, डॉ. पी. कश्मूर, डॉ टी पीयूष ,डॉ. अरुण कुमार,धीरज पाठक सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे। वहीं समाजसेवियों में अमित कश्यप, राम नारायण प्रसाद, राजमणि प्रसाद, रघुवीर प्रसाद,शक्ति सिंह तथा फार्मासिस्ट शशि यादव, विवेक कश्यप, अशफाक अंसारी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों ने सहभागिता निभाई।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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