गढ़वा। जिले के मेराल थाना परिसर में शुक्रवार को सामुदायिक अस्पताल, मेराल के चिकित्सकों में जैसे डॉ स्नेहलता राज के द्वारा थाना म...
गढ़वा। जिले के मेराल थाना परिसर में शुक्रवार को सामुदायिक अस्पताल, मेराल के चिकित्सकों में जैसे डॉ स्नेहलता राज के द्वारा थाना में पदस्थापित सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को आपातकालीन परिस्थितियों, सड़क दुर्घटनाओं तथा गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में जीवन बचाने के लिए आवश्यक प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना था, जहां दुर्घटना या आपातकाल के दौरान अस्पताल पहुंचने से पहले जरूरतमंदों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर उनकी जान बचाई जा सके। चिकित्सकों ने फर्स्ट एड किट में उपलब्ध दवाइयों एवं उपकरणों के सही और प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी देते हुए उसका व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया।इस दौरान बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं अथवा अन्य विपरीत परिस्थितियों में घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में प्राथमिक उपचार का ज्ञान कई लोगों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ चेकअप) भी किया गया। गढ़वा पुलिस ने इस पहल को जनसेवा और आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
वही आपदा और सड़क हादसों में अब और प्रभावी होगी गढ़वा पुलिस, जवानों को मिला फर्स्ट एड का व्यावहारिक प्रशिक्षण
गढ़वा। पुलिस केंद्र, गढ़वा में शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गढ़वा के चिकित्सकों द्वारा पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को आपातकालीन परिस्थितियों, सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में जीवन रक्षा एवं त्वरित प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण परिचारी प्रवर, पुलिस केंद्र गढ़वा श्री संदीप कुमार की उपस्थिति में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को इस योग्य बनाना था कि वे सड़क दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में घायल व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर उनकी जान बचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों ने फर्स्ट एड किट में उपलब्ध दवाइयों एवं आवश्यक उपकरणों के सही और सुरक्षित उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार की व्यावहारिक तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया।इस अवसर पर बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं अथवा अन्य विपरीत परिस्थितियों में घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में पुलिसकर्मी ही होते हैं। ऐसे में प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण उन्हें जरूरतमंदों की समय पर सहायता करने और जीवन बचाने में अधिक सक्षम बनाएगा।कार्यक्रम के अंत में TITAN EYE के चिकित्सकों द्वारा पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों की नेत्र जांच भी की गई, जिससे उनके स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ आंखों की देखभाल के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई गई। यह पहल पुलिस बल की कार्यकुशलता और जनसेवा की क्षमता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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