जन्म के बीच उचित अंतराल से सुरक्षित रहेगा मां और शिशु का स्वास्थ्य" : सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी गढ़वा। विश्व जनसंख्या ...
जन्म के बीच उचित अंतराल से सुरक्षित रहेगा मां और शिशु का स्वास्थ्य" : सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी
गढ़वा। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति, गढ़वा के तत्वावधान में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम, सम्मान समारोह एवं जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान परिवार नियोजन कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, एएनएम, एफपी-बीटीटी एवं सहियाओं को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में परिवार नियोजन एवं जनसंख्या स्थिरीकरण पर आधारित नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया, जिसमें छोटे परिवार, सुरक्षित मातृत्व तथा बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखने का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया।मौके पर उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व, किशोर स्वास्थ्य एवं जनसंख्या स्थिरीकरण का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या की चुनौतियों से निपटने के लिए जन-जागरूकता और परिवार नियोजन सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग आवश्यक है। प्रत्येक परिवार को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाकर स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।वही सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी ने परिवार नियोजन के अस्थायी एवं स्थायी साधनों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा मृत्यु दर में कमी आती है। उन्होंने पात्र दंपत्तियों से स्वास्थ्य विभाग की निःशुल्क परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम के समापन पर उपायुक्त, सिविल सर्जन एवं अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से परिवार नियोजन जागरूकता रथ एवं जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।सम्मानित चिकित्सकों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रंका डॉ. असजद अंसारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी भवनाथपुर डॉ. दिनेश कुमार सहित एएनएम, एफपी-बीटीटी एवं सहियाओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।वही सम्मानित होने के बाद डॉ. असजद अंसारी ने कहा कि यह सम्मान पूरे स्वास्थ्य विभाग की टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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