गढ़वा। डीएवी मॉडल स्कूल गढ़वा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के शुभ अवसर पर बच्चों के बीच श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता एवं ...
गढ़वा। डीएवी मॉडल स्कूल गढ़वा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के शुभ अवसर पर बच्चों के बीच श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने राधा-कृष्ण के मनमोहक रूप धारण कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।श्रीकृष्ण के रूप में वैभव राज, लकी कुमार एवं आयूष कुमार ने आकर्षक वेशभूषा में प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। वहीं राधा के रूप में परी कुमारी, सिद्धि कुमारी, सिद्धिका कुमारी, प्रिंसी कुमारी एवं आकृति कुमारी ने अपनी मनमोहक पोशाक और प्रस्तुति से कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया।
इस अवसर पर बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। पूरे विद्यालय परिसर में जन्माष्टमी की भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला।प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को विद्यालय के निदेशक सुशील केसरी ने विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं प्रतियोगिता में शामिल अन्य बच्चों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।कार्यक्रम को आकर्षक एवं सफल बनाने में खुशबू कुमारी, दीप्ति कुमारी, आरती कुमारी, सुलेखा गुप्ता, पीहू कुमारी, अनुष्का कुमारी एवं अंजनी कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।....वही दूसरी ओर डीएवी मॉडल स्कूल गढ़वा में शिक्षक दिवस समारोह धूमधाम एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने गुरु की महिमा और शिक्षक के महत्व को अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान दीक्षा, निधि, पल्लवी, खुशबू, आशा, सोनाली, अनुष्का, आलिया एवं आमरीन ने ‘गुरु ज्ञान के सागर’ गीत पर मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद जेबा, निधि, आमरीन, पल्लवी एवं इच्छा ने ‘गुरु की महिमा अपरंपार, गुरु ने सबको है बनाया, गुरु से है हमने ज्ञान पाया’ मिक्स गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।शिवानी, लक्ष्मी, प्रिंसी, परिधि, उमूल, सिद्दीका, अन्नया, नंदिनी, श्रेया, सोनम इसफारिन, मारिया एवं आयुषी ने ‘गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरा’ गीत पर शानदार प्रस्तुति देकर गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को उजागर किया।कार्यक्रम में बच्चों ने मोबाइल फोन की भूमिका और उसके प्रभाव को दर्शाती एक सुंदर नृत्य-नाटिका भी प्रस्तुत की। इसमें लक्ष्मी, उमूल, कनक, आयुषी, काव्या, परी एवं अदीरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नृत्य-नाटिका के माध्यम से बच्चों ने आधुनिक जीवन में मोबाइल के बढ़ते प्रभाव का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।इस अवसर पर शिक्षक मिथिलेश कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक ही वह सशक्त माध्यम हैं, जो बच्चों का मार्गदर्शन कर उन्हें सही राह दिखाते हैं और उनके ज्ञान को निरंतर प्रदीप्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया।विद्यालय के निदेशक सुशील केसरी ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन एवं संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत शिक्षा के क्षेत्र से की और अनेक संघर्षों के बाद देश के राष्ट्रपति पद तक पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनके मन में शिक्षकों के प्रति विशेष सम्मान और लगाव बना रहा। इसी भावना के कारण उन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
विद्यालय के प्राचार्य गुलाम सरवर ने सभी विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने सभी शिक्षकों को उपहार देकर सम्मानित किया और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।कार्यक्रम को सफल बनाने में अवनीश पांडे, अर्जुन कुमार, शशिकांत शर्मा, समसूदोहा, आशीष कुमार, कनक कुमारी, पीहू कुमारी, रिया कुमारी, ग्रेसी कुमारी, दीक्षा कुमारी, समिहा परवीन, आलिया परवीन एवं नरगिस परवीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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