गढ़वा। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला समुचित प्राधिकारी (पीसी एंड पीएनडीटी) पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (PC...
गढ़वा। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला समुचित प्राधिकारी (पीसी एंड पीएनडीटी) पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (PC&PNDT) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, जिले के लिंगानुपात, पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों, नए लाइसेंस एवं नवीकरण, अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद, मुखबिर/डिकॉय योजना तथा स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने जिले में बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिक एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों की पूर्ण जांच के बाद ही नए लाइसेंस निर्गत किए जाएं। जिन अल्ट्रासाउंड केंद्रों का लाइसेंस समाप्त हो चुका है, उन्हें शीघ्र नवीकरण कराने तथा बिना लाइसेंस नवीकरण के किसी भी केंद्र का संचालन नहीं होने देने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि न्यू एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, एमजीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, गढ़वा नर्सिंग होम तथा हेल्थमैप डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड (मणिपाल यूनिट, सदर अस्पताल) द्वारा लाइसेंस नवीकरण के आवेदन प्राप्त हुए हैं।
सिविल सर्जन ने समिति को अवगत कराया कि नए प्रावधानों के तहत प्रत्येक अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर चिकित्सक का नाम, फोटो, मोबाइल नंबर तथा "यहां लिंग परीक्षण नहीं होता है" का बोर्ड प्रदर्शित करना अनिवार्य है। उपायुक्त ने सभी लाइसेंसधारी केंद्रों में इन नियमों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों को नोटिस जारी कर आवश्यकतानुसार सील करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 37 अवैध क्लीनिक एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध एफआईआर, सील, जुर्माना एवं स्पष्टीकरण सहित विभिन्न कार्रवाई की जा चुकी है।
उपायुक्त ने मुखबिर/डिकॉय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश देते हुए कहा कि अवैध लिंग परीक्षण जैसी सामाजिक बुराई पर रोक लगाने के लिए जनजागरूकता आवश्यक है। योजना के तहत सही सूचना देने वाले मुखबिर को ₹40 हजार, गर्भवती महिला को ₹40 हजार तथा सहयोगी को ₹20 हजार प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। अवैध लिंग जांच की सूचना जिला समुचित प्राधिकारी अथवा 104 पर देने की अपील की गई।
बैठक में सदर अस्पताल में नया उन्नत अल्ट्रासाउंड मशीन क्रय करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा एचएमआईएस पोर्टल, एएनसी पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार नियोजन, चिकित्सकों की उपस्थिति, एम्बुलेंस उपलब्धता तथा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जे.एफ. कैनेडी, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. माहेरु यमानी, डीडीएम सुजीत कुमार मुंडा, डीपीएम गौरव कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।उपायुक्त ने जिले में बिना लाइसेंस संचालित क्लीनिक एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों की पूर्ण जांच के बाद ही नए लाइसेंस निर्गत किए जाएं। जिन अल्ट्रासाउंड केंद्रों का लाइसेंस समाप्त हो चुका है, उन्हें शीघ्र नवीकरण कराने तथा बिना लाइसेंस नवीकरण के किसी भी केंद्र का संचालन नहीं होने देने के निर्देश दिए।बैठक में बताया गया कि न्यू एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, एमजीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, गढ़वा नर्सिंग होम तथा हेल्थमैप डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड (मणिपाल यूनिट, सदर अस्पताल) द्वारा लाइसेंस नवीकरण के आवेदन प्राप्त हुए हैं।सिविल सर्जन ने समिति को अवगत कराया कि नए प्रावधानों के तहत प्रत्येक अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर चिकित्सक का नाम, फोटो, मोबाइल नंबर तथा "यहां लिंग परीक्षण नहीं होता है" का बोर्ड प्रदर्शित करना अनिवार्य है। उपायुक्त ने सभी लाइसेंसधारी केंद्रों में इन नियमों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों को नोटिस जारी कर आवश्यकतानुसार सील करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 37 अवैध क्लीनिक एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों के विरुद्ध एफआईआर, सील, जुर्माना एवं स्पष्टीकरण सहित विभिन्न कार्रवाई की जा चुकी है।उपायुक्त ने मुखबिर/डिकॉय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश देते हुए कहा कि अवैध लिंग परीक्षण जैसी सामाजिक बुराई पर रोक लगाने के लिए जनजागरूकता आवश्यक है। योजना के तहत सही सूचना देने वाले मुखबिर को ₹40 हजार, गर्भवती महिला को ₹40 हजार तथा सहयोगी को ₹20 हजार प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। अवैध लिंग जांच की सूचना जिला समुचित प्राधिकारी अथवा 104 पर देने की अपील की गई।
बैठक में सदर अस्पताल में नया उन्नत अल्ट्रासाउंड मशीन क्रय करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा एचएमआईएस पोर्टल, एएनसी पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार नियोजन, चिकित्सकों की उपस्थिति, एम्बुलेंस उपलब्धता तथा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जे.एफ. कैनेडी, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. माहेरु यमानी, डीडीएम सुजीत कुमार मुंडा, डीपीएम गौरव कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अरशद अंसारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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