"40वीं बार रक्तदान कर डॉ. असजद अंसारी बने प्रेरणा के प्रतीक, रंका CHC के 25 रक्तवीरों ने लिखा मानवता का नया अध्याय" ...
"40वीं बार रक्तदान कर डॉ. असजद अंसारी बने प्रेरणा के प्रतीक, रंका CHC के 25 रक्तवीरों ने लिखा मानवता का नया अध्याय" रंका (गढ़वा), 15 जून। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रंका में रविवार को आयोजित विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक जागरूकता और मानवीय संवेदनाओं का एक ऐतिहासिक उदाहरण बन गया। शिविर का शुभारंभ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी), स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्य, समाजसेवियों एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, समाजसेवियों तथा पदाधिकारियों ने रक्तदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंद मरीजों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने की सामूहिक शपथ ली। इसके पश्चात अत्यंत उत्साह एवं सेवा भाव के साथ रक्तदान शिविर की शुरुआत हुई।इस अवसर पर रंका सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमजद अंसारी पूरे शिविर के केंद्र बिंदु रहे। उन्होंने स्वयं 40वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के समक्ष सेवा, समर्पण और मानवता की अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत की। एक चिकित्सक के रूप में मरीजों का उपचार करने के साथ-साथ नियमित रक्तदान कर वे स्वास्थ्य जागरूकता के प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
रंका सीएचसी की यह उपलब्धि भी उल्लेखनीय रही कि यह झारखंड का पहला सरकारी अस्पताल माना जाता है, जहां वर्ष में दो बार नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह पहल न केवल गढ़वा जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक मॉडल बन चुकी है।शिविर में कुल 25 स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने रक्तदान कर दुर्घटना पीड़ितों, गंभीर रोगियों, थैलेसीमिया मरीजों, प्रसूता महिलाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों में उपचाररत मरीजों के लिए जीवनरक्षक योगदान दिया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति टी-शर्ट प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें ‘वीर सपूत’ की संज्ञा देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
रक्तदान करने वालों में डॉ. असजद अंसारी, डॉ. गोरखनाथ पांडेय, डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. उत्कर्ष मिश्रा, डॉ. हर्षिता सिंह, डॉ. विष्णु दत्त दुबे, डॉ. महबूब आलम, डॉ. भानु प्रताप सिंह, राहुल कुमार गुप्ता, दिनेश प्रसाद गुप्ता, पंकज कुमार विश्वकर्मा, प्रणय रंजन दुबे, सुधीर कुमार, मो. दानिश रजा, विभूति तिवारी, विजय साव, रवि कुमार उर्फ चापू जी, रौशन कुमार, रोहित कुमार, अंकित कुमार, हर्ष कुमार, सचिन कुमार, किशोर कुमार, कमल पांडेय एवं रंजीत कुमार शामिल रहे।कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों ने रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी गंभीर मरीज के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है। रंका सीएचसी द्वारा आयोजित यह शिविर सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वास्थ्य जागरूकता एवं मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है।इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में चिकित्सकों की टीम, स्वास्थ्यकर्मियों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों तथा सभी रक्तदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके योगदान से यह शिविर क्षेत्र के लिए एक यादगार उपलब्धि बन गया।
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