गढ़वा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के निदेशकों एवं प्राचार्यों ने गढ़वा वासियों, विद्यार्थियो...
गढ़वा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों के निदेशकों एवं प्राचार्यों ने गढ़वा वासियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाजसेवियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। पेड़-पौधों का संरक्षण, जल बचाव, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा स्वच्छता को अपनाकर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
बीएनटी सेंट मैरी पब्लिक स्कूल के निदेशक उमाकांत तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। वहीं विद्यालय के प्राचार्य अमित तिवारी ने विद्यार्थियों से अधिकाधिक पौधारोपण कर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।ज्ञान गंगा कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर अमित कश्यप ने कहा कि जागरूकता ही पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा हथियार है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं जागरूक होने के साथ दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए।
शांति निवास उच्च विद्यालय की प्राचार्य सिस्टर रोशना ने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण स्वस्थ समाज की पहचान है। बच्चों में पर्यावरणीय मूल्यों का विकास समय की आवश्यकता है।एडीएम पब्लिक स्कूल के निदेशक संजय कुमार ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण मानव अस्तित्व से जुड़ा विषय है। वहीं प्राचार्य ए.के. द्विवेदी ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण को पर्यावरण सुरक्षा की सबसे प्रभावी पहल बताया।ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल के निदेशक आनंद कुमार पंकज ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। विद्यालय के प्राचार्य अजय उपाध्याय ने कहा कि बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाकर ही सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।मदर टेरेसा डीएस पब्लिक स्कूल की निदेशिका मीरा यादव ने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की।ईडन गार्डन पब्लिक स्कूल के निदेशक सुनील कुमार ने कहा कि स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली मानव जीवन की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें बचाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
डीएवी मॉडल स्कूल के निदेशक सुशील केसरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। छोटी-छोटी सकारात्मक पहलें भी बड़े बदलाव का आधार बन सकती हैं।सभी शिक्षाविदों ने एक स्वर में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल संदेश देने का अवसर नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण के प्रति संकल्प को मजबूत करने का दिन है। उन्होंने गढ़वा वासियों से पर्यावरण बचाने के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित वातावरण छोड़ने का आग्रह किया। खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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