गढ़वा। जिले के निजी अस्पतालों में चल रहे कथित “इलाज के खेल” का शुक्रवार को उस वक्त पर्दाफाश हो गया, जब सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ के...
गढ़वा। जिले के निजी अस्पतालों में चल रहे कथित “इलाज के खेल” का शुक्रवार को उस वक्त पर्दाफाश हो गया, जब सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ शहर के कई निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों पर अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई में जो तस्वीर सामने आई, उसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कहीं ऑपरेशन के बाद मरीज भर्ती मिले, तो कहीं खून चढ़ता मिला, लेकिन अस्पतालों में एक भी जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद नहीं था।सिविल सर्जन के साथ जिला डीडीएम सुजीत मुंडा भी जांच टीम में शामिल थे। छापेमारी की खबर फैलते ही निजी अस्पताल संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। कई अस्पतालों में कर्मचारियों के चेहरे पर डर साफ नजर आया।जांच के दौरान जी एन हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद मरीज भर्ती पाया गया। सहारा हॉस्पिटल में मरीज को रक्त चढ़ाया जा रहा था, जबकि रिशु राज हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद पांच मरीज भर्ती मिले। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने गंभीर इलाज और ऑपरेशन के बावजूद अस्पतालों में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।जब सिविल सर्जन ने अस्पताल संचालकों से पूछा कि आखिर मरीजों का ऑपरेशन किस डॉक्टर की निगरानी में किया गया, तो संचालकों ने डॉ. मनोज दास समेत अन्य चिकित्सकों का नाम लिया। लेकिन मौके पर कोई स्पष्ट जवाब और चिकित्सकों की मौजूदगी नहीं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग का पारा चढ़ गया।स्थिति को गंभीर मानते हुए सिविल सर्जन ने कई अस्पतालों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।”चंद्रिका हॉस्पिटल में जांच के दौरान कोई मरीज भर्ती नहीं मिला, लेकिन वहां के दस्तावेज और व्यवस्थाओं की भी गहन जांच की गई।निरीक्षण के दौरान यह बात भी सामने आई कि जिले के कई छोटे नर्सिंग होम कथित तौर पर कुछ चुनिंदा डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। इस पर सिविल सर्जन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर चिकित्सक निजी अस्पतालों में ऑपरेशन कर सकते हैं, तो सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को भी बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी ड्यूटी के बाद निजी अस्पतालों में ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। सिविल सर्जन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में भी इसी तरह की सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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