गढ़वा। जिले में सरकारी संस्थानों की कार्यशैली और स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने निकले उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल ...
गढ़वा। जिले में सरकारी संस्थानों की कार्यशैली और स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने निकले उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल ने गुरुवार को मेराल प्रखंड क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर कई खामियों का खुलासा किया। निरीक्षण के दौरान सीएचसी मेराल में बदहाल बिजली व्यवस्था, बाउंड्री वॉल की कमी और दवाओं के रख-रखाव में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उपायुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।उपायुक्त ने सबसे पहले मेराल प्रखंड कार्यालय एवं अंचल कार्यालय पहुंचकर विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मनरेगा समेत अन्य विभागों के कंप्यूटर ऑपरेटरों से कार्यों की जानकारी ली तथा कार्यालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया। साथ ही नाजिर से स्टॉक पंजी एवं अन्य अभिलेखों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इसके बाद उपायुक्त सोहबरिया स्थित पिछड़ा वर्ग आवासीय विद्यालय पहुंचे, जहां भवन तैयार होने के बावजूद शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई। जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने बताया कि 240 छात्र-छात्राओं की क्षमता वाले इस विद्यालय का हैंडओवर हो चुका है। उपायुक्त ने विद्यालय का संचालन शीघ्र शुरू कराने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान मेराल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई गंभीर खामियां सामने आईं। उपायुक्त ने अस्पताल परिसर में बाउंड्री वॉल नहीं होने पर तत्काल निर्माण कराने का निर्देश दिया। स्टोर रूम जांच के दौरान दवाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने MOIC को सख्त चेतावनी दी कि अस्पताल में किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी दवाएं नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने समय-समय पर जांच कर ऐसी दवाओं को नष्ट करने का आदेश दिया।बिजली व्यवस्था को लेकर भी उपायुक्त खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर बिजली बाधित होना गंभीर लापरवाही है। डीसी ने ऑटोमेटिक चेंजर, डबल पावर कनेक्शन, सोलर सिस्टम और जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज और सुरक्षित वातावरण देना प्रशासन की प्राथमिकता है। अस्पतालों में दवा, बिजली और चिकित्सकीय व्यवस्था हर हाल में दुरुस्त रहनी चाहिए।MOIC ने उपायुक्त को जानकारी दी कि मेराल सीएचसी में प्रतिदिन 70 से 80 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं तथा इसके अंतर्गत पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का भी संचालन किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान प्रखंड सह अंचल पदाधिकारी यशवंत नायक, कार्यपालक अभियंता प्रेमलाल सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, MOIC मेराल सहित स्वास्थ्य एवं प्रखंड प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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