व्हाट्सएप पर मिली शिकायत की पुष्टि, अगले आदेश तक दुकान सील गढ़वा। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की मिली शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी ...
व्हाट्सएप पर मिली शिकायत की पुष्टि, अगले आदेश तक दुकान सील
गढ़वा। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की मिली शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यवसायी को रंगे हाथों पकड़ लिया तथा उसकी दुकान में तत्काल ताला जड़वा दिया। बताया गया कि संबंधित व्यवसायी घरेलू गैस सिलेंडर को अवैध स्रोतों से प्राप्त कर 2700 रुपए में बेच रहा था।दरअसल एसडीएम को व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना मिली कि एक व्यक्ति लोगों को 2700 रुपए में इंडेन का गैस सिलेंडर उपलब्ध करा रहा है। सूचना मिलते ही उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकेशन एवं अन्य विवरण प्राप्त किया और मात्र 10 मिनट के भीतर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राहुल मिंज के साथ मौके पर पहुंच गए। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर दुकान को अगले आदेश तक बंद करवा दिया गया। उक्त व्यवसायी मेन रोड स्थित विजय कश्यप के मकान में किराए पर किचन पार्ट्स एवं गैस चूल्हे की दुकान संचालित करता है तथा उसी भवन के पीछे वाले हिस्से में बने बेसमेंट में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण लंबे समय से करता आ रहा है।अनुमंडल पदाधिकारी ने मौके पर मकान मालिक और अवैध गैस कारोबारी से पूछताछ करते हुए लिखित पक्ष मांगा। उन्होंने कहा कि इस अवैध नेटवर्क की सभी अन्य कड़ियों, दोषी एजेंसी को भी ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है, इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घनी आबादी के बीच अवैध रूप से गैस सिलेंडर रखने की अनुमति देने के कारण मकान मालिक की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।उन्होंने इस प्रकार के सभी छोटे बड़े व्यवसायियों को सख्त लहजे में चेताया कि आपदा में अवसर ढूंढने वाले ऐसे लालची कारोबारियों को महंगा सौदा साबित होगा।एसडीएम ने आम नागरिकों से भी अपील करते हुए कहा कि गढ़वा अनुमंडल क्षेत्र में कहीं भी गैस की कालाबाजारी या अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
बूचड़खाने से मिले टैग के आधार पर कई पशु मालिकों की पहचान
सभी को किया जा रहा है नोटिस, नियम संगत कार्रवाई की तैयारी
ज्यादातर विक्रेता मेराल, रमना और नगर उंटारी क्षेत्र के
गढ़वा। बीते दिनों उंचरी क्षेत्र में संचालित अवैध बूचड़खाने की जांच के क्रम में बरामद मवेशियों के कान में लगे बारकोड युक्त टैगों के आधार पर कई पशु मालिकों की पहचान कर उनकी विस्तृत जानकारी जुटाई गई है। यह जांच विभागीय कर्मियों के स्तर पर कराते हुए व पशुधन ऐप के माध्यम से संबंधित पशुओं के मूल स्वामियों का विवरण प्राप्त किया गया।प्राप्त टैगों के आधार पर की गई इस नमूना जांच के अनुसार इस बूचड़खाने में लाए गए अधिकांश पशुओं के मालिक मेराल, रमना एवं नगर उंटारी क्षेत्र के पाए गए हैं, जबकि कुछ पशु मालिक उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों, मझिआंव तथा कांडी क्षेत्र के भी हैं। अब इन सभी संबंधित पशुओं के मालिकों को सदर अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा नोटिस जारी किया जा रहा है। उनका पक्ष प्राप्त करने के उपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि पशु मालिकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे यह सुनिश्चित करें कि जिन व्यक्तियों को वे अपने अनुपयोगी, बूढ़े अथवा बीमार पशु बेच रहे हैं, उनका दुरुपयोग या वध न हो। उन्होंने कहा कि संभावित वध की आशंका के बावजूद जानबूझकर गो तस्करों को पशु बेचने वाले व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाएगी, क्योंकि ऐसे मामलों में गोवंशीय पशु हत्या में उनका अप्रत्यक्ष योगदान भी माना जाएगा।जांच के दौरान कुछ पशु मालिकों से दूरभाष पर बातचीत भी की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि कुछ लोगों ने अपने पशु गढ़वा बाजार समिति में बेचे थे। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार समिति परिसर का उपयोग भी बूचड़खाने से जुड़े अवैध व्यवसायियों द्वारा किया जा रहा है।इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी ने पशुपालन पदाधिकारी एवं बाजार समिति के सचिव को निर्देश दिया है कि बाजार समिति में केवल उन्हीं पशुओं की बिक्री सुनिश्चित कराई जाए, जिन्हें कृषकों द्वारा वैध रूप से खरीदा जाना है। साथ ही, पशुओं की सरसरी तौर पर उपयुक्तता जांच कराकर ही उन्हें बिक्री के लिए अनुमति दी जाए, ताकि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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