गढ़वा। शहर के सोनपुरवा स्थित बी एन टी संत मैरी स्कूल में आज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस अत्यंत गरिमामय,...
गढ़वा। शहर के सोनपुरवा स्थित बी एन टी संत मैरी स्कूल में आज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। यह कार्यक्रम युवाओं में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति, नैतिक मूल्यों एवं जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ तथा शिक्षणेतर कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रांगण में स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। इसके पश्चात विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद के विचारों एवं राष्ट्रभक्ति से प्रेरित प्रार्थनाएँ एवं गीत प्रस्तुत किए। संपूर्ण वातावरण अनुशासन, ऊर्जा एवं आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत हो गया।विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य अमित कुमार तिवारी ने कहा —“स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि युवा चेतना के महान मार्गदर्शक थे। ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए’ का संदेश आज भी हर विद्यार्थी के जीवन का मूल मंत्र होना चाहिए।”विद्यालय के निदेशक उमाकांत तिवारी ने अपने प्रेरणादायक संदेश में कहा —“स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए आत्मबल, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की सबसे बड़ी प्रेरणा है। यदि युवा उनके आदर्शों को अपनाएँ, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।”स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। वे आधुनिक भारत के महान आध्यात्मिक चिंतक, समाज सुधारक एवं युवाओं के पथप्रदर्शक थे। 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म महासभा में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण ने भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक शक्ति को पूरे विश्व में प्रतिष्ठित किया। उनका प्रसिद्ध कथन —
“शिक्षा वह है जो मनुष्य के भीतर पहले से विद्यमान पूर्णता को प्रकट करे” — आज भी शिक्षा का मूल उद्देश्य दर्शाता है।कार्यक्रम के दौरान कक्षा नवमी की छात्रा रितिका सिंह ने अपने भाषण एवं स्वामी विवेकानंद पर आधारित प्रश्नोत्तरी (Quiz) के माध्यम से सभी विद्यार्थियों को जागरूक किया। उनके प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण ने युवाओं में आत्मविश्वास और लक्ष्य-प्रेरणा का संचार किया।कक्षा की छात्रा वैष्णवी पांडेय ने स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया।रिद्धि तिवारी ने विवेकानंद जी के विचारों पर आधारित एक प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किया, जिसने श्रोताओं को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।पूरे कार्यक्रम का कुशल एवं आकर्षक संचालन छात्रा प्रीति कश्यप द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
इसी अवसर पर प्राचार्य अमित कुमार तिवारी ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए नामांकन की औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि नए सत्र के लिए नामांकन प्रपत्र 15 जनवरी से विद्यालय के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर उपलब्ध होगा। साथ ही यह भी बताया गया कि LKG में 15 जनवरी से सीधे प्रवेश (Direct Admission) प्रारंभ होगा। सभी कक्षाओं में सीटें सीमित हैं, अतः अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि वे समय रहते नामांकन प्रक्रिया पूर्ण करें।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भाषण, कविता, प्रश्नोत्तरी एवं विचार के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश का भविष्य युवाओं के चरित्र, अनुशासन और संकल्प पर निर्भर करता है।
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