गढ़वा। बीएनटी सेंट मैरी स्कूल, गढ़वा में 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के शहीद दिवस के अवसर पर टेरेसा हाउस के तत्वावध...
गढ़वा। बीएनटी सेंट मैरी स्कूल, गढ़वा में 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के शहीद दिवस के अवसर पर टेरेसा हाउस के तत्वावधान में प्रातः कालीन प्रार्थना सभा को विशेष रूप से समर्पित करते हुए एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे विद्यालय परिसर में अनुशासन, शांति तथा राष्ट्रप्रेम का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एकजुट होकर गांधी जी के आदर्शों को स्मरण किया।कार्यक्रम की शुरुआत गांधी जी के महान बलिदान को नमन करते हुए दो मिनट के मौन के साथ की गई। इसके पश्चात वाणिज्य संकाय के छात्र संजय ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायक भाषण में गांधी जी के जीवन संघर्ष, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान तथा सत्य और अहिंसा के मार्ग की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने बिना हथियार उठाए पूरे विश्व को यह संदेश दिया कि प्रेम और धैर्य से भी बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।अपने भाषण में विद्यार्थियों ने वर्तमान समय में गांधी जी के विचारों की प्रासंगिकता पर भी विशेष बल दिया तथा सभी से आग्रह किया कि वे हिंसा से दूर रहकर समाज में शांति और सद्भाव फैलाने वाले नागरिक बनें।इसके उपरांत कक्षा 11 की छात्रा कृतिका द्वारा गांधी जी का प्रिय भजन “रघुपति राघव राजा राम” अत्यंत मधुर एवं भावपूर्ण स्वर में प्रस्तुत किया गया। भजन के दौरान विद्यालय के सभी विद्यार्थी, शिक्षक एवं शिक्षिकाएँ एक साथ सम्मिलित होकर गाते हुए श्रद्धाभाव से सराबोर नजर आए। इस सामूहिक गायन ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक एवं शांतिपूर्ण बना दिया।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अमित तिवारी ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत के नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के नैतिक मार्गदर्शक थे। उनके द्वारा प्रतिपादित सत्य, अहिंसा, त्याग और सेवा के सिद्धांत आज भी मानव समाज के लिए उतने ही आवश्यक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी, अनुशासन, सहिष्णुता तथा सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाएँ।कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी गांधी जी के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए, जिससे विद्यार्थियों को उनके व्यक्तित्व को और गहराई से समझने का अवसर मिला।विद्यालय प्रबंधन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि नई पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का निर्माण करना है, ताकि विद्यार्थी एक जिम्मेदार, संवेदनशील एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बन सकें।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रपिता को नमन करते हुए शांति एवं सद्भाव के संदेश के साथ किया गया। संपूर्ण आयोजन अत्यंत अनुशासित, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायक वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
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