गढ़वा। आर्य समाज गढ़वा में स्वामी दयानंद सरस्वती के 202 वीं जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित वार्षिकोत्सव के तीसरे दिन हरिद्वार से प...
गढ़वा। आर्य समाज गढ़वा में स्वामी दयानंद सरस्वती के 202 वीं जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित वार्षिकोत्सव के तीसरे दिन हरिद्वार से पधारे यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य कृष्ण देव जी के द्वारा पांच कुंडीय बृहद यज्ञ संपन्न कराया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर यज्ञ में आहुतियां दे रहे हैं। मुख्य यजमान के रूप में आज अनुज कुमार संध्या देवी, गौतम कुमार रेणुका गुप्ता, गुप्तेश्वर सोनी प्रीति सोनी ,धनंजय कुमार रिंकी देवी, कृष्ण गोपाल आर्य माधुरी देवी, उपकार गुप्ता संगीता गुप्ता, अनिमेष केसरी आलोका रानी,अनिरुद्ध केसरी ,आरती देवी,मीनाक्षी कुमारी, अरविंद केसरी ,कृष्ण मुरारी केसरी, जयप्रकाश केसरी, किरण देवी, शौर्य कुमार ,सुरेंद्र प्रसाद केसरी, प्रीति देवी, श्वेता कुमारी, कोमल कुमारी, तान्या सोनी ,अंशिका, गुनगुन, पल्लवी ,इच्छा, मीरा देवी ,उज्जवल
कुमार, सत्य प्रकाश आर्य कृतिका केसरी, अविनाश पांडे, अनिरुद्ध केसरी, देव केसरी, पूनम देवी सुशील कुमार केसरी ,विमला देवी, मीनाक्षी कुमारी, सुलेखा गुप्ता, रामदास साहू अरविंद केसरी, जयश्री केशरी,अशर्फी उपाध्याय ,अनिल शर्मा, अजय अग्रवाल ,संजय कुमार गुप्ता, राजेश नारायण पांडे आदि शामिल होकर पुण्य लाभ लिये। इस अवसर पर जयपुर से पधारी प्रसिद्ध भजनोपदेशिका श्रीमती ज्योति आर्य के द्वारा सुमधुर गीत प्रस्तुत किए गए। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से बताया" तू भूल गया रे मां का प्यार मगर तेरी मां नहीं भूली, बचपन में दिया जो दुलार उसे तेरी मां नहीं भूली।"जीवन गुजर गया तो जीने का ढंग आया,जब सम्मा बुझ गई तो महफिल में रंग आया।" शुभ अशुभ करता है निश्चय मिलता है फल ही, सर पर जो लिखी मुसीबत आती है किए हुए कर्मों की याद दिलाती है।"इस प्रकार के भजनों के माध्यम से उन्होंने लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया साथ ही साथ बीच-बीच में छोटे-छोटे उदाहरण के माध्यम से लोगों को जीवन जीने की कला बताई। इस अवसर पर श्री विनोद पाठक जी ने कहा कि यज्ञ जैसा पवित्र कार्य कुछ नहीं हो सकता अतः हम सभी को यज्ञऔर सत्संग में अवश्य आना चाहिए। प्रधान श्री नंद कुमार गुप्ता जी ने लोगों को इस पुनीत अवसर पर आर्य समाज गढ़वा में आमंत्रित किया। सुशील केसरी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम नित्य प्रति प्रातः 8:00 बजे से 10:30 बजे तक और सायं 7:00 बजे से 9:30 बजे तक संपन्न हो रहा है अतः आप उपस्थित होकर यज्ञ में अपनी आहुति लगा सकते हैं साथ ही साथ भजन उपदेश का आनंद ले सकते हैं। श्री ज्योति प्रकाश ने लोगों को सत्य निष्ठा से जुड़कर धर्मार्थ काम में आगे आने को कहा।
कुमार, सत्य प्रकाश आर्य कृतिका केसरी, अविनाश पांडे, अनिरुद्ध केसरी, देव केसरी, पूनम देवी सुशील कुमार केसरी ,विमला देवी, मीनाक्षी कुमारी, सुलेखा गुप्ता, रामदास साहू अरविंद केसरी, जयश्री केशरी,अशर्फी उपाध्याय ,अनिल शर्मा, अजय अग्रवाल ,संजय कुमार गुप्ता, राजेश नारायण पांडे आदि शामिल होकर पुण्य लाभ लिये। इस अवसर पर जयपुर से पधारी प्रसिद्ध भजनोपदेशिका श्रीमती ज्योति आर्य के द्वारा सुमधुर गीत प्रस्तुत किए गए। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से बताया" तू भूल गया रे मां का प्यार मगर तेरी मां नहीं भूली, बचपन में दिया जो दुलार उसे तेरी मां नहीं भूली।"जीवन गुजर गया तो जीने का ढंग आया,जब सम्मा बुझ गई तो महफिल में रंग आया।" शुभ अशुभ करता है निश्चय मिलता है फल ही, सर पर जो लिखी मुसीबत आती है किए हुए कर्मों की याद दिलाती है।"इस प्रकार के भजनों के माध्यम से उन्होंने लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया साथ ही साथ बीच-बीच में छोटे-छोटे उदाहरण के माध्यम से लोगों को जीवन जीने की कला बताई। इस अवसर पर श्री विनोद पाठक जी ने कहा कि यज्ञ जैसा पवित्र कार्य कुछ नहीं हो सकता अतः हम सभी को यज्ञऔर सत्संग में अवश्य आना चाहिए। प्रधान श्री नंद कुमार गुप्ता जी ने लोगों को इस पुनीत अवसर पर आर्य समाज गढ़वा में आमंत्रित किया। सुशील केसरी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम नित्य प्रति प्रातः 8:00 बजे से 10:30 बजे तक और सायं 7:00 बजे से 9:30 बजे तक संपन्न हो रहा है अतः आप उपस्थित होकर यज्ञ में अपनी आहुति लगा सकते हैं साथ ही साथ भजन उपदेश का आनंद ले सकते हैं। श्री ज्योति प्रकाश ने लोगों को सत्य निष्ठा से जुड़कर धर्मार्थ काम में आगे आने को कहा।
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