गढ़वा। सेवा ही सर्वोपरि का भाव प्रदर्शित करते हुए गढ़वा शहर के रंका मोड़ स्थित हनुमान मंदिर के सामने इस शनिवार को भी अग्रवाल पर...
गढ़वा। सेवा ही सर्वोपरि का भाव प्रदर्शित करते हुए गढ़वा शहर के रंका मोड़ स्थित हनुमान मंदिर के सामने इस शनिवार को भी अग्रवाल परिवार की ओर से सैकड़ों जरूरतमंद, मजदूर और राहगीरों के बीच खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। यह आयोजन परिवार द्वारा लगातार 95वीं बार आयोजित किया गया, जो समाज सेवा और मानवता का एक प्रेरक उदाहरण बन चुका है।इस सेवा कार्यक्रम में अग्रवाल परिवार के सदस्य स्वयं हाथों से लोगों को प्रसाद वितरित करते नजर आए। गर्मागर्म खिचड़ी पाकर लोगों के चेहरे पर संतोष और खुशी झलक रही थी। कई राहगीरों ने बताया कि “हर शनिवार यहां मिलने वाला प्रसाद भूख मिटाने के साथ आत्मिक संतोष भी देता है।”इस मौके पर अग्रवाल परिवार के सक्रिय सदस्य हर्ष अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, राजीव रंजन अग्रवाल, विनय कश्यप, आशुतोष अग्रवाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल और चंद्र प्रकाश अग्रवाल सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर प्रेम और समर्पण के साथ जरूरतमंदों की सेवा की।हर्ष अग्रवाल ने कहा, “यह सिर्फ खिचड़ी वितरण नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी श्रद्धा और सेवा का प्रतीक है। जब किसी के चेहरे पर तृप्ति की मुस्कान देखते हैं, तो वही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।”वहीं संतोष अग्रवाल ने कहा कि “हमारा प्रयास है कि यह सेवा कार्य बिना रुके चलता रहे और कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।” उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इस आयोजन को और विस्तृत किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।वही राजीव रंजन अग्रवाल ने कहा — “हर सप्ताह जब हम इस सेवा कार्य को करते हैं, तो लगता है जैसे भगवान स्वयं हमें इस कार्य का अवसर दे रहे हों। हमें खुशी है कि यह छोटी सी पहल समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही है।”वहीं विनय कश्यप ने भावुक स्वर में कहा — “मानवता सबसे बड़ी पूजा है। हम सब मिलकर चाहते हैं कि आने वाले समय में इस सेवा का दायरा और बढ़े ताकि अधिक से अधिक लोगों को मदद मिल सके। जब किसी गरीब को प्रसाद खाते देख मुस्कान आती है, वही क्षण सबसे पवित्र लगता है।” इस मौके पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने अग्रवाल परिवार की सराहना करते हुए कहा कि “यह परिवार न केवल व्यापार में अग्रणी है, बल्कि समाज सेवा में भी प्रेरणास्रोत बन चुका है।” पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, सेवा और मानवीयता का माहौल देखने को मिला।
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