गढ़वा। आज आर्य समाज गढ़वा स्थित डीएवी मॉडल स्कूल में आर्य समाज गढ़वा के वार्षिकोत्सव के समापन के अवसर पर हरिद्वार से पधारे आचार्...
गढ़वा। आज आर्य समाज गढ़वा स्थित डीएवी मॉडल स्कूल में आर्य समाज गढ़वा के वार्षिकोत्सव के समापन के अवसर पर हरिद्वार से पधारे आचार्य कृष्ण देव द्वारा पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय सुख-शांति और मंगल कामना हेतु वैदिक सुक्तमाला के मंत्रों से बृहद यज्ञ संपन्न कराया गया।यज्ञ में यजमान के रूप में सुशील केसरी - पूनम देवी, नंदकुमार गुप्ता - लता गुप्ता, कृष्ण गोपाल आर्य - माधुरी देवी, निर्मल केसरी - गीता देवी, अरविंद केसरी, पूनम कान्सकार - पिंकी देवी, अनीता केसरी, किरण देवी, धनंजय कुमार - रिंकी देवी, जयप्रकाश केसरी - सरिता देवी ने आहुति दी।इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएं आरती देवी, दीप्ति कुमारी, सिमरन कुमारी, पीहू सोनी, अलका कुमारी, खुशबू कुमारी के साथ-साथ बड़ी संख्या में विद्यालय के बच्चों ने यज्ञ में भाग लिया।इस अवसर पर जयपुर से पधारी भजनोंपदेशिका ज्योति आर्या ने सुमधुर भजनों से गढ़वा के लोगों को खूब रिझाया।उन्होंने जवानी पर इतराने वालों के लिए गाया - "बुढ़ापा सबको आएगा, इसके खूनी पंजे से कोई बच नहीं पाएगा। प्रभु की अद्भुत माया, समझ कोई ना पाया, जवानी के दिन बीते बुढ़ापा धमक कर आया।"उन्होंने कठोर बोलने वालों के लिए गाया -"बोलिए मत ना कड़वे बोल, कि भर जा सौ गोली का घाव, घाव बोली का भरता ना। किसी के देखे ना हालात, बोलत मुंह से कहते बात, बोलिए मत ना कड़वे बोल।"प्रभु के संदर्भ में गाया - "अमृत है प्रभु का नाम जगत में, इसे छोड़ विषय विष पीना क्या, प्रभु नाम नहीं तो जीना क्या?""मैं हूं निराकार, मेरा रंग है ना रूप है कोई, मैं अलख निरंजन हूं, दुर्लभ असाध्याय हूं पर भक्ति भरे नैनों को सहज ही मैं प्राप्त हूं।"इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान नंदकुमार गुप्ता ने बताया कि आर्य समाज का उद्देश्य अंधविश्वास को दूर करना, शिक्षा का प्रकाश फैलाना तथा समाज की कुरीतियों को दूर करने का प्रयास करना है।इस अवसर पर गढ़वा के प्रमुख शिक्षाविद अलखनाथ पांडे ने नारी शक्ति के बारे में बताया कि नारियां प्राचीन काल से भी विदूषी रही हैं, मंडन मिश्र की पत्नी स्वयं विदुषी थीं। इसी प्रकार ज्योति आर्या विदुषी महिला हैं, इनके भजनों में व्यापक मधुरता है। उन्होंने बताया कि आर्य समाज समाज की बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज हर धार्मिक और पारिवारिक कार्यों में लोग आर्य सामाजिक रीति से कार्य करने के लिए उत्साहित होने लगे हैं।इस अवसर पर पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर ने आर्य समाज गढ़वा के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में समरसता फैलती है तथा लोगों के मनोविकार शुद्ध होते हैं, उन्होंने इस कार्य को परम पवित्र और अद्भुत शांति के लिए अनिवार्य बताया।सभा के अंत में सुशील कुमार केसरी ने यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य कृष्ण देव जी, भजनोंपदेशिका ज्योति आर्या, गणमान्य अतिथिगण, आर्य समाज के सभी सदस्य, साथ ही सभी दानदाताओं, विद्यालय के बच्चों, अभिभावकों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का समापन भव्य भंडारे के साथ सम्पन्न हुआ।
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