गढ़वा/विश्रामपुर । रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय परिसर स्थित अष्टभुजी मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर रविवार को श्रद्धा, भक्...
गढ़वा/विश्रामपुर। रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय परिसर स्थित अष्टभुजी मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर रविवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। गायत्री परिवार गढ़वा की टोली द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य गायत्री महायज्ञ संपन्न कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।यज्ञ में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने मुख्य यजमान के रूप में विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संस्थापक चेयरमैन रामचंद्र चंद्रवंशी, उनके भाई भोला चंद्रवंशी, विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य तथा विश्रामपुर क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।मौके पर कुलाधिपति डॉ. ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। अष्टभुजी मंदिर का वार्षिकोत्सव लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं।
"आस्था और संस्कार हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं" — रामचंद्र चंद्रवंशी
विश्वविद्यालय के संस्थापक चेयरमैन रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की पहचान उसके आध्यात्मिक संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से है। विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों के प्रसार के लिए इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
"गायत्री यज्ञ मानव और समाज के शुद्धिकरण का महाअभियान है" — विनोद पाठक
गायत्री परिवार गढ़वा के विनोद पाठक ने कहा कि गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि व्यक्ति, परिवार और समाज के शुद्धिकरण का सशक्त माध्यम है। यज्ञ से वातावरण की पवित्रता के साथ-साथ लोगों में नैतिकता, सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना का भी विकास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गायत्री परिवार के सामाजिक और आध्यात्मिक अभियानों से जुड़ने का आह्वान किया। यज्ञ का संचालन संतन मिश्रा, शोभा पाठक एवं अनीता देवी ने किया। वहीं यज्ञ को सफल बनाने में मीना देवी, सुनंदा दूबे, ममता चौबे, मीरा देवी, सुनीता देवी, उर्मिला देवी, अखिलेश कुशवाहा, अनिल विश्वकर्मा, वृंदा ठाकुर, अशोक विश्वकर्मा, गौतम विश्वकर्मा, रंजीत केसरी सहित गायत्री परिवार के युवा मंडल एवं महिला मंडल के सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया। पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और भक्ति गीतों से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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