गढ़वा/डाल्टेनगंज। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (एएसआई) के झारखंड चैप्टर अंतर्गत पलामू सिटी ब्रांच द्वारा बुधवार को जनस्वास्थ्य...
गढ़वा/डाल्टेनगंज। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (एएसआई) के झारखंड चैप्टर अंतर्गत पलामू सिटी ब्रांच द्वारा बुधवार को जनस्वास्थ्य जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से विशेष साइकिलिंग अभियान का आयोजन किया गया। प्रातः 6 बजे प्रारंभ हुई यह साइकिल रैली सदर अस्पताल डाल्टेनगंज से जीएलए कॉलेज तक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम में वरिष्ठ एवं युवा सर्जनों ने भाग लेकर आम नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।इस अवसर पर एएसआई झारखंड चैप्टर के चेयरमैन डॉ. संजय कुमार, ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. निशांत सिंह, एमएमसीएच के प्रोफेसर डॉ. सुशील पांडेय, वरिष्ठ सर्जन डॉ. जी.पी. सिंह, डॉ. सतीश कुमार सहित मेडिकल कॉलेज के जूनियर सर्जनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन एवं जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए साइकिलिंग एक प्रभावी और सरल माध्यम है। नियमित साइकिल चलाने से हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा मानसिक तनाव जैसी समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। साथ ही ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।मौके पर एएसआई झारखंड चैप्टर के चेयरमैन डॉ. संजय कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय चुनौतियां और जीवनशैली जनित रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में साइकिलिंग जैसी शारीरिक गतिविधियां न केवल व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखती हैं बल्कि पृथ्वी को प्रदूषणमुक्त बनाने में भी सहायक होती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल का उपयोग अवश्य करें और छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों पर निर्भरता कम करें।वही एएसआई झारखंड चैप्टर के ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. निशांत सिंह ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। यदि लोग नियमित रूप से साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तो अनेक गैर-संचारी रोगों की रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा कि कार्यालय, बाजार या अन्य निकटवर्ती कार्यों के लिए साइकिल का उपयोग करने से स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी उद्देश्य पूरा होगा।वही प्रो. डॉ. सुशील पांडेय ने कहा कि शारीरिक निष्क्रियता आज कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण बन चुकी है। साइकिलिंग एक उत्कृष्ट एरोबिक व्यायाम है, जो हृदय, फेफड़ों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है तथा शरीर की कार्यक्षमता में वृद्धि करता है।वही
डॉ. जी.पी. सिंह ने कहा कि चिकित्सकों का दायित्व केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना भी है। यह अभियान उसी दिशा में एक सार्थक पहल है।वही
डॉ. सतीश कुमार ने कहा कि नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। साइकिलिंग से शारीरिक फिटनेस बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार आता है।उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम ‘सर्जन्स वीक’ के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों का हिस्सा है, जो 9 जून से 15 जून तक चल रहा है। इस दौरान सर्जिकल शिक्षा, फिजिकल फिटनेस, हेल्थकेयर प्रमोशन तथा विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।कार्यक्रम के अंत में सभी सर्जनों ने नागरिकों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिलिंग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। यह अभियान स्वास्थ्य संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायी संदेश लेकर सामने आया।
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