जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग कमिटी की भी हुई समीक्षा, दिए गयें आवश्यक निदेश विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं एवं गुणवत्ता सुधार पर विशेष...
जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग कमिटी की भी हुई समीक्षा, दिए गयें आवश्यक निदेश
विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं एवं गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर
गढ़वा।समाहरणालय स्थित सभागार में आज उपायुक्त दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से सम्बंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में उपायुक्त द्वारा एक-एक कर शिक्षा विभाग के विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक एवं सभी बीईईओ से बारी-बारी शिक्षा विभाग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी ली गई। कुछ योजनाओं में प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले पदाधिकारी व बीईईओ पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई तथा कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। कार्य असंतोषजनक होने पर कार्रवाई करने की भी बात कही गई। संबंधित बीईईओ को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया। मौके पर उपस्थित जिला शिक्षा अधीक्षक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि अपने अधीनस्थ सभी शिक्षा पदाधिकारी एवं कर्मियों का नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज संबंधित प्रतिवेदन का निरीक्षण करें एवं संबंधितों का मासिक परिलब्धि भी दर्ज उपस्थिति के अनुरूप ही करें।
बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा जिले की समग्र शैक्षणिक प्रगति, कंपोजिट जिला रैंकिंग, छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति, आधार एवं अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट, आधारभूत संरचना विकास, निपुण भारत मिशन, पीएम-श्री विद्यालयों का क्रियान्वयन, पलाश कार्यक्रम, पीएम-पोषण (मिड-डे मील) योजना, आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास की स्थिति, स्वास्थ्य जांच एवं आयरन-फोलिक एसिड वितरण, सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट रेल के अंतर्गत मासिक मूल्यांकन, यू-डायस एवं एसएमएस रिपोर्टिंग, एनआईएलपी/उल्लास कार्यक्रम, न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों एवं उनके अनुपालन, तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत लंबित अग्रिमों सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति में सुधार, शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।पी०एम० पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना अंतर्गत जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमिटि हेतु बैठक में बिन्दुवार समीक्षा की गई, जिसमें विद्यालयों द्वारा एस०एम०एस० के माध्यम से मध्याहन भोजन संचालन की सूचना उपलब्ध कराने, पी०एम० पोषण (मध्याहन भोजन) योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रखण्डवार खाद्यान्न वितरण, पी०एम० पोषण (मध्याहन भोजन) योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 का माहवार ऑन लाईन डाटा एंट्री, प्रखण्ड स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमिटि की बैठक की समीक्षा एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में किचेन-सह-स्टोर मरम्मति की अद्यतन स्थिति आदि की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गयें। उपायुक्त श्री यादव द्वारा उक्त मामले में संबंधित पदाधिकारियों/कर्मियों/शिक्षकों द्वारा अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप कार्य नहीं करने व लापरवाही बरतने को लेकर स्पष्टीकरण करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक एवं संबंधित बीईईओ को निर्देश दिया गया। मध्यान भोजन में पोषक आहार एवं पूरक पोषण का वितरण मेनू के अनुसार ही निश्चित रूप से किए जाने की बात कही गई। जिन योजनाओं में पुअर परफॉर्मेंस पाया गया उन्हें उपायुक्त द्वारा शीघ्र लक्ष्य प्राप्ति हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए जिले की शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने की बात कही।उक्त बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, सभी बीईईओ, बीपीओ/बीपीएम, शिक्षा विभाग के एई/जेई आदि उपस्थित थें।
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गढ़वा जिला प्रशासन अवैध खनन पर सख्त, टास्क फोर्स बैठक में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
अवैध खनन पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा: पहली बार ₹50,000 जुर्माना, दोबारा पकड़े जाने पर प्राथमिकी के निर्देश
गढ़वा। दिनांक 23 मार्च को जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने की।बैठक में अवैध खनन के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में अवैध खनन की स्थिति एवं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की।इस दौरान अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्णय लिया गया कि पहली बार पकड़े जाने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि पुनः संलिप्त पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिक/चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में अवैध खनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए।साथ ही अधिकारियों को प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट के साथ बैठक में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने, नियमित क्षेत्र भ्रमण करने एवं कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने पर विशेष बल दिया गया। अनुमंडल स्तर पर निगरानी को और सुदृढ़ बनाने के भी निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन पर पूर्णतः रोक लगाने हेतु सतत, कठोर एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई जारी रहेगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित अन्य उपस्थित रहे, जबकि शेष अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
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