गढ़वा: समाजसेवा और रक्तदान के क्षेत्र में अमिट पहचान बनाने वाले रक्तवीर लायन स्व. कृत्यानंद श्रीवास्तव की पाँचवीं पुण्यतिथि 28 अ...
गढ़वा: समाजसेवा और रक्तदान के क्षेत्र में अमिट पहचान बनाने वाले रक्तवीर लायन स्व. कृत्यानंद श्रीवास्तव की पाँचवीं पुण्यतिथि 28 अप्रैल को सदर अस्पताल परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा, सेवा और समर्पण के भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लायंस क्लब गढ़वा ग्रीन के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा लियो ज्ञान गंगा क्लब के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत स्व. कृत्यानंद श्रीवास्तव के अनुज दिव्यानंद श्रीवास्तव एवं उनकी धर्मपत्नी रुचि श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर की गई। इसके पश्चात क्लब के सभी सदस्यों ने एक-एक कर पुष्प अर्पित करते हुए उनके द्वारा रक्तदान के क्षेत्र में किए गए अतुलनीय योगदान को याद किया।माल्यार्पण करने वालों में दिव्यानंद श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, रविंद्रर जयसवाल , विनय कश्यप, हर्ष अग्रवाल, आशुतोष अग्रवाल, उमाकांत पांडे, जयशंकर ब्रेजर, नीरज कमलापुरी, रवि अग्रवाल, डॉ. पतंजलि केसरी, संतोष अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल, मानस अग्रवाल, अनूप ठाकुर सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत क्लब द्वारा सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच फल एवं ब्रेड का वितरण किया गया। साथ ही शहर के व्यस्ततम स्थल रंका मोड़ पर भी सैकड़ों जरूरतमंदों के बीच सेवा कार्य करते हुए खाद्य सामग्री का वितरण किया गया, जिससे कार्यक्रम ने सेवा का व्यापक रूप ले लिया।सदस्यों ने कहा कि स्व. कृत्यानंद श्रीवास्तव एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन रक्तदान और मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनकी स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम समाज में सेवा और समर्पण की भावना को और सशक्त करने का संदेश देता है।वही मौके पर विनय कश्यप ने कहा कि “स्व. कृत्यानंद श्रीवास्तव का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है, उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।”वही संतोष अग्रवाल ने कहा कि “रक्तदान के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है, हम उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।”वही हर्ष अग्रवाल ने कहा कि “ऐसे महान व्यक्तित्व समाज में विरले ही होते हैं, उनकी सेवा भावना हमें निरंतर प्रेरित करती है।”वही मानस अग्रवाल ने कहा कि “आज का यह सेवा कार्य उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।”वही दिव्यानंद श्रीवास्तव ने भावुक होते हुए कहा कि “भैया का जीवन पूरी तरह समाज के लिए समर्पित था, हम सभी को उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए।”वही रुचि श्रीवास्तव ने कहा कि “उनकी स्मृतियां हमें हमेशा सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”.
टिप्पणियाँ