सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न: दुर्घटनाओं की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर गढ़वा। जिला प्रशासन...
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न: दुर्घटनाओं की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर
गढ़वा। जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर पहल करते हुए मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश कुमार यादव ने की। बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, पथ प्रमंडल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।बैठक की शुरुआत जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने से हुई। इसके पश्चात उपायुक्त ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल सड़क निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासन विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक पहलू पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उपायुक्त ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता अभियान केवल औपचारिकता न रहकर जनसामान्य तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों और युवाओं में प्रारंभिक स्तर से ही सुरक्षित यातायात व्यवहार की आदत विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को जागरूक बनाना सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगा।बैठक के दौरान यातायात नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने सड़क किनारे आवश्यक संकेतकों की स्थापना, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लगातार वाहन जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।इस अवसर पर जिले में चल रहे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।बैठक में शहरी क्षेत्र की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सड़कों की ऊंचाई के कारण उत्पन्न जल जमाव की समस्या को लेकर गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता सुशील कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सदर अस्पताल परिसर में वर्षा के दौरान होने वाले जल जमाव को दूर करने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि मरीजों और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान को भी अत्यंत आवश्यक बताया और पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा को निर्देश दिया कि जिले के सभी ऐसे स्थलों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार की जाए तथा अगली बैठक में इन स्थलों की तस्वीरों के साथ विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर विशेष सुरक्षा उपाय लागू कर दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।बैठक में उपायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। *उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं की सूचना के लिए 1033 हेल्पलाइन नंबर तथा अन्य आपात स्थितियों के लिए 112 नंबर का उपयोग करने की अपील की, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।उन्होंने कहा कि यह बैठक न केवल प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि समन्वित प्रयास, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। गढ़वा जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर सक्रिय प्रयास कर रहा है, ताकि जिले में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
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उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) की तृतीय त्रैमासिक बैठक (2025-26) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक सम्पन्न
वित्तीय समावेशन एवं विकास योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत मंथन
जिले के समग्र प्रदर्शन को सुदृढ़ बनाने हेतु दिए निर्देश
PMJJBY के अंतर्गत 5 लाभुकों को सांकेतिक चेक वितरण
गढ़वा।समाहरणालय गढ़वा के सभागार में उपायुक्त के निदेशानुसार उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति के तृतीय त्रैमासिक (2025-26) की समीक्षात्मक बैठक संपन्न की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त द्वारा पूर्व में दिए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई, जिसके उपरांत उन्होंने गढ़वा जिला अंतर्गत सभी बैंकों का सीडी रेशियो, वार्षिक साख योजना (एसीपी) 2025-26, केसीसी, पीएमईजीपी, एमएसएमई, पीएमएफएमई, महिला लखपति किसान योजना (दीदी लखपति योजना), आरसेटी, फिनांसियल इनक्लूजन समेत अन्य योजनाओं एवं विषयों को लेकर समीक्षा किया। बैठक में बैंकों को अच्छे प्रदर्शन करने को कहा गया एवं निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने हेतु निर्देश दिए गए।उप विकास आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने को कहा। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए बैठक में उपस्थित सभी बैंकों के पदाधिकारियों को सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं यथा- पीएमईजीपी, केसीसी, मुद्रा ऋण समेत अन्य का लाभ अधिक से अधिक लाभुकों तक पहुँचाने हेतु सक्रियता से कार्य करने का निर्देश दिया। उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा ने केसीसी एवं पीएम किसान को लेकर प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न बैंकों एवं शाखाओं को पीएम किसान के लंबित आवेदन को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करते हुए इसका पूर्णत: लाभ लाभुकों को दिलाने का निर्देश दिया। किसानों के लिए केसीसी की प्रक्रिया सरल बनाने हेतु संबंधित बैंक के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान CD RATIO की समीक्षा की गई। जिला का CD RATIO वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय तिमाही की समाप्ति पर 44.08% था, जो अब बढ़कर 2025-26 की तृतीय तिमाही दिसम्बर' 2025 तक 46 % हो गया है। इसके आधार पर बेहतर/निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले पाँच-पाँच बैंकों की सूची तैयार गई, बेहतर प्रदर्शन करने वाले टॉप फाइव बैंक्स- उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक एवं आइसीआइसीआइ बैंक शामिल है। वहीं दूसरी और बॉटम फाइव बैंक्स- पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, आईडीबीआई बैंक एवं इंडियन बैंक शामिल है, जिन्होंने सीडी रेश्यो में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। पुअर परफॉर्मेंस करने वाले बैंकों को अपने कार्य प्रणाली में सुधार करते हुए दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बेहतर कार्य करने की बात कही गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की भी समीक्षा की गई एवं योजना से लाभुकों को आच्छादित करने में तेजी लाने का निदेश दिया।इसके अतिरिक्त बैठक के दौरान ACP (Annual Credit Plan) की प्रगति तथा लक्ष्य उपलब्धि की समीक्षा, PMEGP एवं PMFME योजनाओं की प्रगति, स्वीकृति एवं ऋण उपलब्धता, Financial Inclusion/Social Security Schemes under TFIIP की अद्यतन स्थिति, BC Outlets का संचालन विशेषकर ग्राम पंचायत भवनों में सेवाओं की उपलब्धता, बैंक रहित ग्रामीण केंद्रों (URC) में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता, SARFAESI मामलों की प्रगति और त्वरित कार्रवाई पर जोर, RSETI की समीक्षा, PM SWANIDHI, PMJDY, PMEGP, PMFME, Mudra Loan, Location change of CSP, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना तथा स्वयं सहायता समूह (SHG) आदि की समीक्षा की गई।बैठक के दौरान मौके पर ही उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा एवं अन्य पदाधिकारीगण तथा उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत कुल 5 लोगों के बीच दो-दो लाख रुपए के डम्मी चेक प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत सहायता राशि प्राप्त करने वालों में तेतरी देवी, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, मंझिआंव, अली रजा अंसारी, एसबीसी, नगर ऊंटारी, अशोक पाल एवं नन्दलाल पाल, एसबीसी भवनाथपुर तथा कृष्णा विश्वकर्मा झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, डंडई के नाम शामिल है।उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों एवं बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच बढ़े, जिससे कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का शत-प्रतिशत कवरेज हो सके। उद्यमिता को भी बढ़ावा मिले और वित्तीय समावेशन के लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में प्राप्त किए जाएँ। उन्होंने कहा कि “जिले का प्रदर्शन तभी उत्कृष्ट माना जाएगा जब लाभार्थी योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर प्राप्त करें और सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता सतत बेहतर होती रहे।उक्त बैठक में उपरोक्त के अतिरिक्त माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधियों समेत डीडीएम नाबार्ड, जिला अग्रणी प्रबंधक, आरसेटी प्रभारी, जिला उद्योग केंद्र पलामू सह गढ़वा के पदाधिकारी, सभी बैंकों के प्रतिनिधि समेत अन्य संबंधित उपस्थित थें।
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खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा चलाया गया जाँच अभियान
अनुमण्डल क्षेत्र के मेन रोड व रंका रोड के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का किया गया निरिक्षण
गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री विक्रय करने का निर्देश
गढ़वा। उपायुक्त, गढ़वा के निर्देशानुसार अगामी त्यौहारों को देखते हुए 23 मार्च को गढ़वा जिला अन्तर्गत खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, दीप श्री के द्वारा मेन रोड व रंका रोड के विभिन्न खाद्य प्रष्ठिानों जैसे- संतोष मिष्ठान भण्डार, निखिल स्वीट्स एण्ड नमकीन, पिहू स्वीट्स, नीलम वाटीका, खुशी फास्ट फुड कॉर्नर इत्यादि का निरीक्षण किया गया एवं मिठाईयों का नमूना संग्रहण किया गया। निरीक्षण के दौरान सभी खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन की जाँच की गई एवं सुलभ दृष्य स्थल पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। खाद्य प्रतिष्ठान को स्वच्छ एवं साफ-सुथरा रखते हुए गुणवतापूर्ण खाद्य सामग्रीयों के विक्रय करने का निर्देश दिया गया। खाद्य प्रतिष्ठानों को यह भी निर्देश दिया गया कि मिलावटी मिठाईयों की बिक्री नहीं करनी है, यदि मिलावटी मिठाईयों की बिक्री करते हुए पाये जाते हैं, तो खाद्य प्रतिष्ठानों के विरूद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की नियम संगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जायगी। संग्रहित किये खाद्य नमूना की जाँच हेतु राज्य खाद्य जाँच प्रयोगशाला को भेजा गया।
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उपायुक्त की अध्यक्षता में भू-अर्जन कार्यालय से संबंधित कार्यों की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने विभिन्न परियोजना अंतर्गत मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया एवं निर्माण कार्यों से कराया अवगत
गढ़वा।जिला भू-अर्जन शाखा अंतर्गत राज्य सरकार एवं अन्य उपक्रमों हेतु भूमि अर्जन से संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा हेतु उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न अधियाची विभाग द्वारा किए जा रहे हैं कार्यों के अद्यतन स्थिति से अवगत होते हुए लंबित कार्यों को पूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। साथ ही परियोजना अंतर्गत किए गए भूमि अधिग्रहण से संबंधित रैयतों को मुआवजा राशि के भुगतान के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई एवं इस प्रकार के सभी लंबित मुआवजा भुगतान की राशि को जल्द से जल्द रैयतों को भुगतान करने का निर्देश दिया गया।परियोजना अंतर्गत विभिन्न कार्यों जैसे कि NH-75 लगमा भाया करकोमा से हासनदाग-तसरार पथ चौड़कीरण, NH-75 से बंशीधर मंदीर चितविश्राम-बम्बा चना-गरदा तक पथ का चौडीकरण एवं मजबुतीकरण, डेंटल मोड (NH-75) से नावादोहरी (NH-343) तक भाया हुर चारमुहान पथ चौड़ीकरण एवं मजबुतीकरण योजना, NH-75 नामधारी कॉलेज से पचपडवा कोरवाडीह दुलदुलवा चामा पथ चौडीकरण, रमना से मझिआंव भाया विशुनपुरा पथ चौडीकरण, उटारी भवनाथपुर-खरौंधी डाला पथ (यू०पी० बोर्डर) चौडीकरण योजना एवं उपकारा, नगर उंटारी में Solid waste Management Plant योजना इत्यादि निर्माण कार्य के बारे में पूछा गया। मौके पर उपस्थित जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद द्वारा बताया गया कि उपरोक्त सभी निर्माण कार्यों का कार्य लगभग पूर्ण किया जा चुका है। कुछ परियोजना अंतर्गत निर्माण कार्य लगभग 10% से 15% अपूर्ण है, जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर है, जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा। उपरोक्त परियोजना अंतर्गत रैयतों के अधिग्रहित भूमि के विरुद्ध मुआवजा राशि का भुगतान प्रक्रिया जारी है।उक्त बैठक में उपरोक्त पदाधिकारी के अतिरिक्त अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग गढ़वा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर NHAI समेत अन्य संबंधित उपस्थित थें।
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उपायुक्त ने जनसुनवाई में सुनी आमजनों की समस्याएं, त्वरित समाधान हेतु दिए निर्देश
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों ने अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी फरियादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए उनके त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन एवं बकाया मजदूरी भुगतान सहित विभिन्न प्रकार की समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। उपायुक्त ने प्रत्येक मामले को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।कार्यक्रम के दौरान झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, बरडीहा से आई महिला गार्डों ने विद्यालय की वार्डन पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि निर्धारित ड्यूटी समय का पालन करने के बावजूद उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। साथ ही, वार्डन के साथ आने वाले व्यक्तियों की एंट्री नहीं की जाती तथा रात के समय CCTV कैमरे भी बंद कर दिए जाते हैं। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस पर उपायुक्त ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।नगर उंटारी प्रखंड के ग्राम अहिरपुरवा से आई दुर्गा कुमारी ने अपने आवेदन में आधार कार्ड एवं राशन कार्ड में नाम की भिन्नता की समस्या रखी। उन्होंने बताया कि आधार में उनका नाम दुर्गा कुमारी है, जबकि राशन कार्ड में मनोरमा कुमारी अंकित है। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को त्रुटि सुधार हेतु निर्देशित किया।केतार प्रखंड के ग्राम कधवन निवासी हलखोरी साह ने भूमि म्यूटेशन से संबंधित समस्या रखी। उन्होंने बताया कि अंचल कार्यालय द्वारा पुराने केवाला के आधार पर म्यूटेशन नहीं किया जा रहा है, जबकि उनके चाचा द्वारा 55 डिसमिल भूमि की बिक्री की गई है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।प्रखंड चिनियाँ के ग्राम खुर्री से आए नन्दलाल यादव ने पेयजल संकट की समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि गांव का कुआं सूख चुका है तथा नल-जल योजना से भी पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। गर्मी के मद्देनज़र उपायुक्त ने संबंधित विभाग को शीघ्र वैकल्पिक जल व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त श्री यादव ने कहा कि आमजनों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें।
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शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर उतर कोयल परियोजना (मण्डल डैम) के पुनर्वासितों हेतु सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर बैठक का आयोजन
पुनर्वासितों हेतु मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं विभिन्न निर्माण कार्य को कार्ययोजना बनाते हुए शीघ्र करने का निर्देश
गढ़वा।उपायुक्त गढ़वा दिनेश यादव ने आज समाहरणालय स्थित सभागार में शहीद नीलाम्बर पीताम्बर उत्तरी कोयल परियोजना (मण्डल डैम) के अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने हेतु समीक्षा बैठक का आयोजन किया जिसमें, जिसमें उक्त परियोजना से संबंधित सभी पदाधिकारी उपस्थित थें। बैठक के दौरान उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारी द्वारा समर्पित प्रतिवेदनों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। परियोजना अंतर्गत आ रही समस्याओं और सुझावों को सुना। गढ़वा जिला अंतर्गत मंडल डैम मे डूब क्षेत्र में पड़ने वाले कुल 06 गांव यथा-भजना, कूटकू, सनेया, चेमो, खुरा एवं खैरा शामिल है, जबकि लातेहार जिला अंतर्गत जलाशय में डूब डैम के सभी विस्थापित परिवारों को पुनर्वासित करने के लिए अंचल रंका के मौजा विश्रामपुर एवं अंचल रमकंडा के मौजा बलीगढ़ में भूमि चिन्हित किया गया है। विस्थापित परिवारों को पुनर्वासित करने के निमित्त मौजा विश्रामपुर एवं मौजा बलीगढ़ में विस्थापितों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे कि रोड, सिंचाई, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्कूल इत्यादि उपलब्ध कराया जाना है। उपायुक्त ने पुनर्स्थापित होने वाले परिवारों के साथ-साथ पहले से निवास कर रहे ग्रामीणों के लिए भी सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, स्वच्छता सहित अन्य मूलभूत एवं विकासपरक योजनाओं को सुनिश्चित करते हुए समग्र विकास करने हेतु निर्देशित किया। इसके लिए उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी रंका द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रतिवेदन के अनुरूप सभी कार्य का एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करते हुए कार्यों को शीघ्र पूरा करने के दिशा में सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी को भी विस्थापन के कारण कठिनाई न हो और सभी को बेहतर जीवन-स्तर उपलब्ध कराया जाए। पुनर्वास स्थल पर समुचित आधारभुत संरचना विकसित करने की दिशा में तेज़ी से कार्य करने हेतु संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया। उक्त कार्यों में तेजी लाने हेतु उपायुक्त ने सभी ढांचागत निर्माण कार्यों की विस्तृत कार्य योजना तैयार करते हुए आगामी बैठक तक प्रस्तुत करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया।
उक्त बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमण्डल पदाधिकारी, रंका रूद्र प्रताप, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंता यथा- पथ निर्माण विभाग, विद्युत प्रमण्डल गढ़वा-1, सिंचाई विभाग, पेयजल एवं स्वछता विभाग, भवन निर्माण विभाग, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी, रंका, रमकंडा, भण्डरिया समेत अन्य संबंधित उपस्थित थें।
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जनगणना-2027 के प्रथम चरण हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य को पारदर्शिता और शुद्धता के साथ पूरा करने पर जोर
गढ़वा। 24 मार्च को जिला परिषद सभागार में भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण *मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न प्रखंडों से आए अधिकारी, पर्यवेक्षक, प्रगणक एवं संबंधित कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना-2027 के प्रथम चरण की प्रक्रिया, दिशा-निर्देशों एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, ताकि मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पारदर्शिता, सटीकता एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जा सके।अपर समाहर्ता राज महेश्वरम ने सभी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना किसी भी देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं एवं नीतियों का आधार बनते हैं। उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि कार्य को पूरी गंभीरता, जिम्मेदारी एवं त्रुटिहीन तरीके से संपन्न करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की शंका होने पर राष्ट्रीय प्रशिक्षकों से तत्काल समाधान प्राप्त करें, ताकि क्षेत्रीय कार्य के दौरान कोई बाधा उत्पन्न न हो।प्रशिक्षण सत्र का संचालन गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय प्रशिक्षक-सह-संयुक्त निदेशक ज्ञानचंद्र महतो एवं जिला समन्वयक अशोक कुमार द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना-2027 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें जनगणना का परिचय, नियुक्ति प्रक्रिया, वित्तीय प्रावधान, कानूनी पहलू, व्यापक प्रचार-प्रसार, 34 कॉलम एवं 33 प्रश्नों के माध्यम से डेटा संग्रहण की प्रक्रिया, HLO मोबाइल ऐप एवं CMMS पोर्टल के उपयोग की जानकारी शामिल रही।प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को तकनीकी एवं व्यवहारिक दोनों प्रकार से प्रशिक्षित किया गया। मोबाइल आधारित डेटा संग्रहण, प्रपत्रों का उपयोग, सर्वेक्षण पद्धति एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को विस्तार से समझाया गया। साथ ही CMMS पोर्टल के माध्यम से जनगणना कार्य की निगरानी एवं नियंत्रण प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया। स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा के अंतर्गत आम नागरिकों द्वारा पोर्टल के माध्यम से स्वयं जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया भी विस्तार से बताई गई।प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी, जिसमें टैबलेट एवं मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा संग्रहण किया जाएगा। इससे सूचनाओं का संकलन अधिक तेज, सटीक एवं पारदर्शी तरीके से किया जा सकेगा।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को यह भी अवगत कराया गया कि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) जनगणना का प्रथम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक घर, भवन एवं उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत विवरण संकलित किया जाएगा। इस कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने हेतु प्रशिक्षण के माध्यम से सभी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अंत में सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर जनगणना कार्य को ईमानदारी, निष्पक्षता एवं पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ संपन्न करेंगे, ताकि सरकार को सटीक आंकड़े प्राप्त हो सकें और विकास योजनाओं के निर्माण में उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।
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