गढ़वा । जीएन कान्वेंट(10+2) स्कूल में चतुर्थ सावधिक परीक्षा फल प्रकाशन सह शिक्षक अभिभावक गोष्टी तथा मातृ पितृ पूजन-सम्मान समारोह...
गढ़वा । जीएन कान्वेंट(10+2) स्कूल में चतुर्थ सावधिक परीक्षा फल प्रकाशन सह शिक्षक अभिभावक गोष्टी तथा मातृ पितृ पूजन-सम्मान समारोह कार्यक्रम संपन्न।माता-पिता का प्यार वह अनमोल धन है जो कभी कम नहीं होता स्थानीय जीएन कान्वेंट स्कूल में सावधिक परीक्षा फल प्रकाशन, अभिभावक शिक्षक गोष्ठी एवं मातृ पितृ पूजन सह सम्मान कार्यक्रम तमाम अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक सह शिक्षाविद मदन प्रसाद केशरी,प्राचार्य चंद्र भूषण सिन्हा व उप प्राचार्य वसंत ठाकुर एवं उपस्थित अभिभावकों द्वारा सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। उपस्थित अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि अभिभावक शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य माता-पिता और शिक्षकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर बच्चों के शैक्षणिक, व्यवहारिक और समग्र विकास को बेहतर बनाना है। यह बैठक बच्चों की प्रगति,समझ कमजोरी एवं प्रतिभा को पहचान और घर- स्कूल में एकरूपता लाकर प्रदर्शन में सुधार के लिए एक सहयोगी मंच प्रदान करती है। शिक्षा केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती बल्कि यह एक ऐसी सतत प्रक्रिया है जिसमें शिक्षक अभिभावक और विद्यार्थी तीनों की समान भूमिका होती है। जब यह तीनों मिलकर कार्य करते हैं तब ही बच्चे का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है।इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों में विद्यालयों में समय-समय पर शिक्षक अभिभावक बैठक का आयोजन किया जाता है।यह बैठक शिक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग है जो विद्यार्थियों की प्रगति और समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने का अवसर प्रदान करती है। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर विचार विमर्श करना होता है। इस बैठक में शिक्षक अभिभावकों को उनके बच्चे को पढ़ाई, व्यवहार, रुचि और कमियों के बारे में जानकारी देते हैं। साथ ही अभिभावक भी अपने विचार को सुझाव साझा करते हैं।इस प्रकार या गोष्टी संवाद का एक सशक्त माध्यम बन जाता है। वहीं मातृ पितृ दिवस पर छात्र छात्राओं ने अपने अपने माता पिता,दादा दादी व बड़ों को पूजन,दीप आरती व पुष्प अर्पित कर चरण स्पर्श कर सम्मान प्रकट किया। वहीं माता पिता की आंखें स्नेह से नम हो गई।सभी ने 14 फरवरी को मातृ पितृ दिवस के रूप में इस दिवस को याद किया। इस अवसर पर निदेशक ने कहा कि माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु व प्रेरणापुंज और संस्कारों के आधार स्तंभ होते हैं। उनका स्नेह, त्याग और आशीर्वाद ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। सभी को इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। इस पावन दिवस पर उनके प्रति सम्मान कृतज्ञता और सेवा का संकल्प लेने की आवश्यकता है।वर्तमान पीढ़ी को इस परम्परा को निरंतर बढ़ाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर बच्चों में संस्कार की भावना जागृत हो इसके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रेरणा गीत भी पेश किए गए।कार्यक्रम का संचालन नीरा शर्मा एवं स्वागत भाषण बसंत ठाकुर तथा धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक संतोष प्रसाद,वीरेंद्र शाह, खुर्शीद आलम, दिनेश कुमार,कृष्ण कुमार, श्वेता कुमारी,वर्षा कुमारी, शिवानी कुमारी, सरिता दुबे, सुनीता कुमारी आदि की भूमिका सराहनीय रही।
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