गढ़वा । स्थानीय जीएन कान्वेंट (10+2)स्कूल में सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रूप में धूमधाम के साथ बनाई गई , जिसमें ...
सुभाष चंद्र बोस की जयंती पराक्रम दिवस के रूप में धूमधाम के साथ बनाई गई , जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के छायाचित्र पर निदेशक मदन प्रसाद केशरी एवं वरिष्ठ शिक्षक संतोष प्रसाद व अन्य उपस्थित शिक्षकों के द्वारा माल्यार्पण व पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में पूरे भारत वर्ष में अति हर्षोल्लास व सम्मान के साथ मनाई जाती है। भारत सरकार ने उनके साहस और योगदान को सम्मान देने के लिए इस दिन को "पराक्रम दिवस" के रूप में मनाने की घोषणा की है। पराक्रम दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए निदेशक ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महान जननायक एवं प्रेरणा स्रोत नेता रहे हैं। उनके नेतृत्व क्षमता को देखते हुए ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने उन्हें सर्वप्रथम नेताजी की उपमा दी थी।उनके भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अदम्य योगदान ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में एक अनमोल स्थान हासिल किया। उन्होंने- "तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा" जैसे प्रेरणादायक शब्दों से भारतीयों को एकजुट किया। नेताजी न केवल आजाद हिंद फौज का गठन किया बल्कि ब्रिटिश हुकूमत की आंखों में आंखें डालकर आजादी छीनने का साहस भी दिखाया। उनका विचार एवं आदर्श भारतीय युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। सुभाष चंद्र बोस अपने विचार और राष्ट्र प्रेम से हर भारतीय के दिलों दिमाग में आज भी राज करते हैं। उनके जोश भरे नारे आज भी हमें देशभक्ति के लिए उत्प्रेरित करते हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल नेता नहीं बल्कि क्रांति,आत्म बल और राष्ट्र गौरव का प्रतीक हैं। उनकी जयंती हमें याद दिलाती है कि देश की स्वतंत्रता और एकता के लिए साहस और निष्ठा कितनी आवश्यक है।"जय हिंद" जैसे नारे हमें आज भी देश गौरव के लिए अभिमानित करता है। इस कार्यक्रम का संचालन शिक्षक कृष्ण कुमार किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन जूनियर विंग के इंचार्ज खुर्शीद आलम ने किया।इस अवसर पर शिक्षक बीरेंद्र साह,दिनेश कुमार,नीरा शर्मा, विकास कुमार, मुकेश कुमार, श्वेता कुमारी, पूजा प्रकाश, वर्षा कुमारी, चन्दा कुमारी, शिवानी कुमारी, सरिता दुबे आदि अन्य शिक्षक शिक्षकेतर की उपस्थिति विशेष रूप से हुई।
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