गढ़वा। बीएसकेडी पब्लिक स्कूल में आयोजित 22वें दो दिवसीय खेल महोत्सव का समापन समारोह आज अत्यंत उत्साह, गरिमा और खेल भावना के साथ ...
गढ़वा। बीएसकेडी पब्लिक स्कूल में आयोजित 22वें दो दिवसीय खेल महोत्सव का समापन समारोह आज अत्यंत उत्साह, गरिमा और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) गढ़वा संजय पांडे की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने मशाल प्रज्वलित कर एवं खेल ध्वज फहराकर समापन समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक संजय सोनी ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि “खेल को हमेशा खेल भावना के साथ खेलना चाहिए। परिणाम हमारे हाथ में नहीं होते, लेकिन प्रयास पूरी तरह हमारे हाथ में होते हैं। खेल वह पाठशाला है, जहाँ हम जीवन जीने की कला सीखते हैं। खेल के माध्यम से जो अनुशासन हम सीखते हैं, वही हमें आगे चलकर एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है।”मुख्य अतिथि एसडीएम संजय पांडे ने विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा, अनुशासन और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय में खेलों का स्तर अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने विद्यालय द्वारा विकसित किए गए संगठित खेल तंत्र (स्पोर्ट्स सिस्टम) की विशेष रूप से प्रशंसा की तथा खेलों के सफल संचालन में योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के समर्पण और परिश्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि आज के समय में बीएसकेडी पब्लिक स्कूल शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ खेलों के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है।इस दो दिवसीय खेल महोत्सव के दौरान कुल 40 विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 720 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।खेल महोत्सव की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि अभिभावकों के लिए भी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अत्यंत आनंद एवं उत्साह का अनुभव किया। इससे विद्यालय, अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव और अधिक सुदृढ़ हुआ।समारोह के दौरान मुख्य अतिथि श्री संजय पांडे ने स्वयं साइकिल चलाकर ‘स्वस्थ भारत’ का संदेश दिया और उपस्थित सभी लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।समापन अवसर पर विद्यालय परिवार, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, अभिभावकगण एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति ने समारोह को यादगार बना दिया। यह खेल महोत्सव न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच बना, बल्कि अनुशासन, सहयोग, आत्मविश्वास और खेल भावना का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
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