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नोटिस : गढ़वा समाचार देखने के लिए प्ले स्टोर से गढ़वा समाचार डाउन लोड करे : वीडियो के साथ यूट्यूब पर भी पूरा देखे,खबरे फेसबुक पर भी उपलब्ध है ,यूट्यूब पर सब्सक्राइब जरुर करें और शेयर करना ना भूले गढ़वा। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सह गढ़वा रंका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा जारी किए गए आदेश की कड़ी निंदा की है। इस आदेस को राज्य सरकार का तुगलकी फरमान बताते हुए कहा है ,कि अगर सरकार की नीयत साफ है ,तो वह उच्च न्यायालय से इतना घबरा क्यों रही है?
उन्होंने कहा कि राज्य के पारा शिक्षक, प्रखंड साधन सेवी, संकुल साधन सेवी, रिसोर्स टीचर, कंप्यूटर आॅपरेटर एवं अन्य अनुबंध कर्मियों को सीधे हाईकोर्ट जाने से रोका जाना इन कर्मियों के मौलिक अधिकार का हनन व विश्वास के
साथ कुठाराघात है। इससे साफ प्रतीत होता है कि राज्य में लालफीताशाही हावी है। ऐसा आदेश से सरकार की मंशा साफ जाहिर होती है। आखिर राज्य सरकार अनुबंध कर्मियों को न्याय के आंगन में जाने से क्यों रोकना चाहती है? इस पर सरकार को अविलंब स्पष्टीकरण देना चाहिए। साथ ही शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा जारी किए गए आदेश को वापस लेना चाहिए। चुनाव से पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा और गठबंधन की अन्य पार्टियों ने राज्य के ऐसे अस्थाई कर्मचारियों को लॉलीपॉप दिखाते हुए स्थायीकरण और सुंदर भविष्य का सपना दिखाया था। लेकिन राज्य में सरकार गठन होने के साथ ही पारा शिक्षकों, बीआरपी, सीआरपी, कंप्यूटर आॅपरेटर समेत अन्य अनुबंध कर्मियों को बरगलाने का कार्य किया जा रहा है, जो अक्षम्य है। पूर्व विधायक ने राज्य सरकार से अविलंब अपने चुनावी घोषणापत्र को अमल में लाने तथा राज्य के सभी अनुबंध कर्मियों को तत्काल स्थाई करके उनका भविष्य सुरक्षित करेने की मांग किया है।
साथ कुठाराघात है। इससे साफ प्रतीत होता है कि राज्य में लालफीताशाही हावी है। ऐसा आदेश से सरकार की मंशा साफ जाहिर होती है। आखिर राज्य सरकार अनुबंध कर्मियों को न्याय के आंगन में जाने से क्यों रोकना चाहती है? इस पर सरकार को अविलंब स्पष्टीकरण देना चाहिए। साथ ही शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा जारी किए गए आदेश को वापस लेना चाहिए। चुनाव से पूर्व झारखंड मुक्ति मोर्चा और गठबंधन की अन्य पार्टियों ने राज्य के ऐसे अस्थाई कर्मचारियों को लॉलीपॉप दिखाते हुए स्थायीकरण और सुंदर भविष्य का सपना दिखाया था। लेकिन राज्य में सरकार गठन होने के साथ ही पारा शिक्षकों, बीआरपी, सीआरपी, कंप्यूटर आॅपरेटर समेत अन्य अनुबंध कर्मियों को बरगलाने का कार्य किया जा रहा है, जो अक्षम्य है। पूर्व विधायक ने राज्य सरकार से अविलंब अपने चुनावी घोषणापत्र को अमल में लाने तथा राज्य के सभी अनुबंध कर्मियों को तत्काल स्थाई करके उनका भविष्य सुरक्षित करेने की मांग किया है।












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