नोटिस : गढ़वा समाचार देखने के लिए प्ले स्टोर से गढ़वा समाचार डाउन लोड करे : वीडियो के साथ यूट्यूब पर भी पूरा देखे,खबरे फेसबुक पर भी...
  नोटिस : गढ़वा समाचार देखने के लिए प्ले स्टोर से गढ़वा समाचार डाउन लोड करे : वीडियो के साथ यूट्यूब पर भी पूरा देखे,खबरे फेसबुक पर भी उपलब्ध है ,यूट्यूब पर सब्सक्राइब जरुर करें और शेयर करें गढ़वा /भंडरिया : भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी ने बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर दस बजे से सायं पांच बजे तक अपने आवास पर उपवास रखा। उस मौके पर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी ने कहा कि झारखंड सरकार के द्वारा राज्य के जनता के प्रति जिम्मेवारियों का निर्वहन एवं कर्तव्यों के पालन के दायित्व का स्मरण कराने के लिए आज उपवास का कार्यक्रम रखा गया है। जिले के सभी भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता लॉकडाउन का पालन करते हुये अपने अपने घरों में उपवास पर बैठे हैं।श्री केसरी ने सरकार पर हमला बोलते हुये कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्रीगण कोरोना के संक्रमण से जनता को बचाने के लिये आवश्यक कदम उठाने के बदले केन्द्र सरकार पर आरोप लगाने और असहयोग का भ्रम फैलाने में लगे हुये हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर केन्द्र सरकार कोरोना से लड़ाई में हरसंभव प्रयास कर रही है। वहीं झारखण्ड सरकार के मंत्री नियमों को ताक पर रख प्रशासन को बिना सूचना दिये पास बांट रहे हैं। लॉकडाउन के कारण रोजी रोजगार खो चुके दैनिक मजदूरों, कामगारों आदि के भोजन की व्यवस्था करने में सरकार असफल रही है।उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों, विधायकों के साथ ही कार्यकर्ताओं के द्वारा मोदी आहार, कम्यूनिटी भोजनालय चलाकर, मोदी आहार राशन पैकेट एवं फेस कवर लोगों तक पहुंचाकर राज्य को भुखमरी की स्थिति में जाने से रोका गया है। श्री केसरी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के प्रति लगातार की जा रहे उपेक्षा, मजदूरों के हित के प्रति संवेदनहीन
यह सोई हुई सरकार जागे और झारखंड के गरीब प्रवासी मजदूर जो अन्य राज्यों में भोजन पानी आदि के लिए भी परेशान हैं उनकी व्यवस्था करे।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी अधिकारियों का मोबाईल नंबर, मोबाईल ऐप सहित हेल्पलाईन नंबर भी पूरी तरह से असफल रहा है। सरकार मजदूरों के लिए सार्थक पहल करे, बैंकों में हो रही अतिरिक्त भीड़ को देखते हुये सोशल डिस्टेंस का पालन कराना सुनिश्चित करे, जरूरतमंदों के बीच अनाज नियमित रूप से बांटा जाय, राशनकार्डधारियों को उचित मूल्य पर उचित खाद्यान्न उपलब्ध कराई जाय, जिनके पास राशन कार्ड नही है उन्हें सरकारी अनाज नही मिल पा रहा जो सुनिश्चित किया जाय, उत्तरप्रदेश के समान ही अन्य राज्यों में फंसे छात्रों को बस भेजकर तत्काल वापस लाने की व्यवस्था की मांग की है।साथ ही साथ उन्होने कहा कि कोरोना संकट के इस काल में हिंदपीढ़ी हॉटस्पॉट बना हुआ है। वहां प्रशासन एवं स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला की घटना हो चुकी है। फिर भी सरकार के द्वारा तुष्टिकरण करते हुये एक धर्म विशेष के प्रशासनिक अधिकारियों की पदस्थापना करना घातक निर्णय है। राज्य की जनता कोरोना को लेकर खौफ के साये में है।झारखंड में संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य की ओर से प्रतिदिन कोरोना से संबंधित मेडिकल बुलेटिन स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी के द्वारा मीडिया के सामने लाईव आनी चाहिये। सरकार इन सारे मुद्दों में संवेदनहीन बनी हुई है। ऐसे में हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं के आंदोलन के बाद सरकार की नींद खुले इसलिये यह उपवास किया जा रहा है।
यह सोई हुई सरकार जागे और झारखंड के गरीब प्रवासी मजदूर जो अन्य राज्यों में भोजन पानी आदि के लिए भी परेशान हैं उनकी व्यवस्था करे।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी अधिकारियों का मोबाईल नंबर, मोबाईल ऐप सहित हेल्पलाईन नंबर भी पूरी तरह से असफल रहा है। सरकार मजदूरों के लिए सार्थक पहल करे, बैंकों में हो रही अतिरिक्त भीड़ को देखते हुये सोशल डिस्टेंस का पालन कराना सुनिश्चित करे, जरूरतमंदों के बीच अनाज नियमित रूप से बांटा जाय, राशनकार्डधारियों को उचित मूल्य पर उचित खाद्यान्न उपलब्ध कराई जाय, जिनके पास राशन कार्ड नही है उन्हें सरकारी अनाज नही मिल पा रहा जो सुनिश्चित किया जाय, उत्तरप्रदेश के समान ही अन्य राज्यों में फंसे छात्रों को बस भेजकर तत्काल वापस लाने की व्यवस्था की मांग की है।साथ ही साथ उन्होने कहा कि कोरोना संकट के इस काल में हिंदपीढ़ी हॉटस्पॉट बना हुआ है। वहां प्रशासन एवं स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला की घटना हो चुकी है। फिर भी सरकार के द्वारा तुष्टिकरण करते हुये एक धर्म विशेष के प्रशासनिक अधिकारियों की पदस्थापना करना घातक निर्णय है। राज्य की जनता कोरोना को लेकर खौफ के साये में है।झारखंड में संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य की ओर से प्रतिदिन कोरोना से संबंधित मेडिकल बुलेटिन स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी के द्वारा मीडिया के सामने लाईव आनी चाहिये। सरकार इन सारे मुद्दों में संवेदनहीन बनी हुई है। ऐसे में हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं के आंदोलन के बाद सरकार की नींद खुले इसलिये यह उपवास किया जा रहा है।













टिप्पणियाँ