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गढ़वा : उपायुक्त हर्ष मंगला ने जिले के मेराल प्रखंड अंतर्गत दुलदुलवा पंचायत में शुक्रवार कों मनरेगा योजना के तहत हो रहे कूप निर्माण का निरीक्षण किया। इसके तहत सर्वप्रथम दुलदुलवा पंचायत के पेशका गांव में संतोष साव का कूप निर्माण का निरीक्षण किया गया। मौके पर उपस्थित पंचायत सचिव संजीव ठाकुर एवं मेट रीता देवी ने बताया कि लॉकडाउन के पूर्व कूप निर्माण का कार्य किया गया था तथा पुनः 22 अप्रैल से इसमें काम लगाया गया है। मौके पर मजदूर काम करते पाए गयें। लगभग 15 फीट तक कूप की खुदाई की जा चुकी है तथा शेष काम प्रगति पर है। कूप निर्माण की अनुमानित राशि रु 3,52,000 बताए गई ,जिसमें अभी तक कुल रु 27,601 का ही भुगतान पाया गया। कूप निर्माण योजना से संबंधित योजना बोर्ड नहीं पाए गए। साथ ही कार्यानुरूप भुगतान नहीं होने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। इसी पंचायत के दुलदुलवा ग्राम में श्रवण कुमार तिवारी के खेत में कूप निर्माण का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें लगभग 15 फीट तक कार्य किया जा चुका है तथा शेष प्रगति पर है। निरीक्षण के समय मजदूर नहीं पाए गए। उपस्थित मेट अंजली देवी द्वारा बताया गया कि सभी भोजन करने गए हैं। भोजन करने के उपरांत सभी मजदूर आ जाएंगे तथा कार्य पुनः प्रारंभ किया जाएगा। कूप निर्माण की कुल अनुमानित राशि रु 3,52,000 बताई गई, जिसमें रु 34,8,84 का भुगतान कर दिया गया है। यहां भी योजना से संबंधित बोर्ड नहीं पाया गया। इसके पश्चात ग्राम अमवार में राजेश्वर महतो का कूप निर्माण का
निरीक्षण किया गया। इसकी अनुमानित राशि रु 3,52,000 बताई गई, जिसमें रु 32,832 का भुगतान किया गया है। चूंकि कूप निर्माण का कार्य पक्कीकरण तक हो चुका है ,जबकि इसके विरुद्ध भुगतान की राशि काफी कम है। फलस्वरूप उपायुक्त श्री मंगला द्वारा पाया गया कि कार्य कराने के अनुरूप भुगतान नहीं किया गया है। कूप निर्माण से संबंधित भुगतान एवं उसकी मापी आदि की पूछताछ के दौरान स्पष्ट जवाब नही पाया गया। कार्यस्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड नहीं पाए गए। रोजगार सेवक आशिक हुसैन तीनों योजना स्थलों पर प्रथमदृष्टया अनुपस्थित पाए गए। उपायुक्त श्री मंगला द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए रोजगार सेवक आशिक हुसैन के संविदा स्थगित करते हुए वेतन रोकने का आदेश प्रखंड विकास पदाधिकारी मेराल मनोज तिवारी को दिया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसी भी योजना स्थल से संबंधित एमबी ठीक से संधारित नही था। उपायुक्त श्री मंगला ने कहा कि किसी भी योजना के कार्य अनुरूप ही भुगतान होना चाहिए। कार्य से अधिक भुगतान अथवा कार्य से कम भुगतान नहीं होना चाहिए। उक्त मौके पर निदेशक डीआरडीए ओनिल क्लेमेंट ओड़ेया, परियोजना पदाधिकारी अभिमन्यु, बीपीओ फिरोज अंसारी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।
गढ़वा : उपायुक्त हर्ष मंगला ने जिले के मेराल प्रखंड अंतर्गत दुलदुलवा पंचायत में शुक्रवार कों मनरेगा योजना के तहत हो रहे कूप निर्माण का निरीक्षण किया। इसके तहत सर्वप्रथम दुलदुलवा पंचायत के पेशका गांव में संतोष साव का कूप निर्माण का निरीक्षण किया गया। मौके पर उपस्थित पंचायत सचिव संजीव ठाकुर एवं मेट रीता देवी ने बताया कि लॉकडाउन के पूर्व कूप निर्माण का कार्य किया गया था तथा पुनः 22 अप्रैल से इसमें काम लगाया गया है। मौके पर मजदूर काम करते पाए गयें। लगभग 15 फीट तक कूप की खुदाई की जा चुकी है तथा शेष काम प्रगति पर है। कूप निर्माण की अनुमानित राशि रु 3,52,000 बताए गई ,जिसमें अभी तक कुल रु 27,601 का ही भुगतान पाया गया। कूप निर्माण योजना से संबंधित योजना बोर्ड नहीं पाए गए। साथ ही कार्यानुरूप भुगतान नहीं होने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। इसी पंचायत के दुलदुलवा ग्राम में श्रवण कुमार तिवारी के खेत में कूप निर्माण का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें लगभग 15 फीट तक कार्य किया जा चुका है तथा शेष प्रगति पर है। निरीक्षण के समय मजदूर नहीं पाए गए। उपस्थित मेट अंजली देवी द्वारा बताया गया कि सभी भोजन करने गए हैं। भोजन करने के उपरांत सभी मजदूर आ जाएंगे तथा कार्य पुनः प्रारंभ किया जाएगा। कूप निर्माण की कुल अनुमानित राशि रु 3,52,000 बताई गई, जिसमें रु 34,8,84 का भुगतान कर दिया गया है। यहां भी योजना से संबंधित बोर्ड नहीं पाया गया। इसके पश्चात ग्राम अमवार में राजेश्वर महतो का कूप निर्माण का
निरीक्षण किया गया। इसकी अनुमानित राशि रु 3,52,000 बताई गई, जिसमें रु 32,832 का भुगतान किया गया है। चूंकि कूप निर्माण का कार्य पक्कीकरण तक हो चुका है ,जबकि इसके विरुद्ध भुगतान की राशि काफी कम है। फलस्वरूप उपायुक्त श्री मंगला द्वारा पाया गया कि कार्य कराने के अनुरूप भुगतान नहीं किया गया है। कूप निर्माण से संबंधित भुगतान एवं उसकी मापी आदि की पूछताछ के दौरान स्पष्ट जवाब नही पाया गया। कार्यस्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड नहीं पाए गए। रोजगार सेवक आशिक हुसैन तीनों योजना स्थलों पर प्रथमदृष्टया अनुपस्थित पाए गए। उपायुक्त श्री मंगला द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए रोजगार सेवक आशिक हुसैन के संविदा स्थगित करते हुए वेतन रोकने का आदेश प्रखंड विकास पदाधिकारी मेराल मनोज तिवारी को दिया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि किसी भी योजना स्थल से संबंधित एमबी ठीक से संधारित नही था। उपायुक्त श्री मंगला ने कहा कि किसी भी योजना के कार्य अनुरूप ही भुगतान होना चाहिए। कार्य से अधिक भुगतान अथवा कार्य से कम भुगतान नहीं होना चाहिए। उक्त मौके पर निदेशक डीआरडीए ओनिल क्लेमेंट ओड़ेया, परियोजना पदाधिकारी अभिमन्यु, बीपीओ फिरोज अंसारी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।















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