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नोटिस : गढ़वा समाचार देखने के लिए प्ले स्टोर से गढ़वा समाचार डाउन लोड करे : वीडियो के साथ यूट्यूब पर भी पूरा देखे,खबरे फेसबुक पर भी उपलब्ध है ,यूट्यूब पर सब्सक्राइब जरुर करें और शेयर करना ना भूले गढ़वा : झारखंड भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं तथा सभी सामाजिक संगठनों से आह्वान करते हुए कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार ने झारखंड के गरीबों के लिए 131850 टन खाद्यान्न की आपूर्ति की है। इसे मानक के अनुरूप शत-प्रतिशत लाभुकों तक पहुंचाने तथा वैसे लाभुक जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनका राशन कार्ड बनवाने में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य सामाजिक संगठन अपनी भूमिका अदा करके वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ जारी जंग में अपना योगदान दें ,ताकि झारखंड का एक भी परिवार भूखे ना सोए।
उन्होंने सरकार से गरीबों के लिए आवंटित अनाज लाभुकों तक पहुंचाने के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाने तथा जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार के द्वारा वैश्विक कोरोना महामारी के दौरान झारखंड का कोई भी गरीब भूखा ना सोए, इसके लिए मोदी जी ने राज्य सरकार को अनाज का आवंटन कर दिया है लेकिन राज्य सरकार इस अनाज
को गरीब लाभुकों तक पहुंचाने में असफल है। जिसके कारण आज राज्य के हजारों गरीब भूखे सोने को विवश हैं। झारखंड सरकार द्वारा राज्य में संचालित जन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। डीलरों के द्वारा लाभुकों को दी जाने वाली खाद्य सामग्री में से मनमाने तरीके से लूट करते हुए, कम अनाज की आपूर्ति एवं मानक से ज्यादा पैसे की वसूली भी की जा रही है ,लेकिन राज्य सरकार इस कालाबाजारी को रोकने के बजाय अपना पीठ थपथपा रही है। आज आलम यह है कि राज्य के जन वितरण प्रणाली के दुकानदार इतने निर्भीक हो गए हैं ,कि वे जांच के लिए जा रहे पदाधिकारियों को भी डरा धमका रहे हैं। जिसके कारण पदाधिकारी बिना जांच किए ही जान बचाकर भागने को मजबूर हैं। समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी सूचनाएं लगातार मिल रही है, जो इस राज्य की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य के किसानों, गरीबों, मजदूरों के लिए आवंटित खाद्य सामग्री लाभुकों तक बिना कटौती पहुंचाने की मांग करते हुए सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार जन वितरण प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करे तथा सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए जरूरतमंद लोगों तक मानक के अनुरूप अनाज की आपूर्ति की जाए, ऐसा सुनिश्चित करे एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
को गरीब लाभुकों तक पहुंचाने में असफल है। जिसके कारण आज राज्य के हजारों गरीब भूखे सोने को विवश हैं। झारखंड सरकार द्वारा राज्य में संचालित जन वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। डीलरों के द्वारा लाभुकों को दी जाने वाली खाद्य सामग्री में से मनमाने तरीके से लूट करते हुए, कम अनाज की आपूर्ति एवं मानक से ज्यादा पैसे की वसूली भी की जा रही है ,लेकिन राज्य सरकार इस कालाबाजारी को रोकने के बजाय अपना पीठ थपथपा रही है। आज आलम यह है कि राज्य के जन वितरण प्रणाली के दुकानदार इतने निर्भीक हो गए हैं ,कि वे जांच के लिए जा रहे पदाधिकारियों को भी डरा धमका रहे हैं। जिसके कारण पदाधिकारी बिना जांच किए ही जान बचाकर भागने को मजबूर हैं। समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी सूचनाएं लगातार मिल रही है, जो इस राज्य की कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य के किसानों, गरीबों, मजदूरों के लिए आवंटित खाद्य सामग्री लाभुकों तक बिना कटौती पहुंचाने की मांग करते हुए सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार जन वितरण प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करे तथा सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए जरूरतमंद लोगों तक मानक के अनुरूप अनाज की आपूर्ति की जाए, ऐसा सुनिश्चित करे एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।















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