गढ़वा/रांची। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा...
गढ़वा/रांची। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े ANM एवं GNM पदों पर तत्काल बहाली करने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया।बैठक में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर मिल रही शिकायतों पर चिंता व्यक्त करते हुए ओला-उबर की तर्ज पर राज्यव्यापी आधुनिक एम्बुलेंस नेटवर्क विकसित करने तथा एआई आधारित कॉल सेंटर शुरू करने की कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया।स्वास्थ्य विभाग को राज्यभर के रेफरल सिस्टम का ऑडिट कर रिपोर्ट सौंपने, निदेशालयों के पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) की योजना तैयार करने तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की अलग-अलग स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया। अस्पतालों में स्वच्छता एवं रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमित मॉनिटरिंग और अपडेट देने को कहा गया।बैठक में राज्यभर में 4 से 5 दिवसीय नेत्र जांच शिविर आयोजित करने, ABHA कार्ड अभियान को स्कूलों, कॉलेजों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों तक विस्तार देने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में नवीनतम मेडिकल तकनीकों के अध्ययन के बाद सुधारात्मक योजना प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया गया।समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गई कि सदर अस्पताल, रांची में देश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र का पहला सेंट्रल रेडियोलॉजी हब स्थापित किया गया है, जिसे राज्य के सभी जिलों से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत सदर अस्पतालों को और बेहतर बनाने, मेडिकल कॉलेजों में UG एवं PG सीटें बढ़ाने तथा निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का कार्य समय पर पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए।इसके अलावा ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित करने, ब्लड बैंक लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने, रक्तदान व्यवस्था को ऐप आधारित एवं पारदर्शी बनाने, सरकारी कर्मियों एवं पुलिस बल के बीच नियमित रक्तदान शिविर आयोजित कराने तथा आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों का ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया।बैठक में पुराने सदर अस्पतालों में एयर कूलिंग व्यवस्था विकसित करने, सभी मेडिकल कॉलेजों में रिहैबिलिटेशन एवं थेरेपी सेंटर शुरू करने तथा जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अबुआ दवाखाना योजना को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से संचालित करने पर बल दिया गया।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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