गढ़वा।जिलेभर में शनिवार को वट सावित्री पूजा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर ...
गढ़वा।जिलेभर में शनिवार को वट सावित्री पूजा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर के विभिन्न स्थानों पर वट वृक्ष के नीचे हजारों की संख्या में महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। खासकर नवविवाहित महिलाओं में पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।सुबह से ही महिलाओं की भीड़ पूजा स्थलों पर उमड़ पड़ी। पारंपरिक परिधानों, सोलह श्रृंगार और हाथों में पूजा की थाल लिए महिलाओं ने विधि-विधान के साथ वट वृक्ष की पूजा कर परिक्रमा की। पूरे वातावरण में भक्ति, संस्कृति और भारतीय परंपरा की अद्भुत झलक देखने को मिली।इस अवसर पर शहर की कई समाजसेवी महिलाएं भी पूजा में शामिल हुईं। पूजा के पश्चात उन्होंने अन्य महिलाओं को वट सावित्री पूजा के धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि यह पर्व अखंड सौभाग्य, पति-पत्नी के अटूट प्रेम और परिवारिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है।समाजसेवी महिलाओं में रीमा स्वरूप, रंजना जायसवाल, मीरा यादव, किरण गुप्ता, रीना सोनी, सीमा केसरी, उर्वशी शर्मा, अंकिता अग्रवाल, सुधा देवी, गीता देवी, नीलम कश्यप, श्वेता अग्रवाल, विनीता आनंद, रुचि अग्रवाल, प्रीति गुप्ता, बीना रानी अग्रवाल, एकता अग्रवाल एवं आयुषी अग्रवाल सहित कई महिलाओं ने समाज में सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने का संदेश दिया।
“वट सावित्री पूजा महिलाओं की आस्था और समर्पण का पर्व” : रीमा स्वरूप
रीमा स्वरूप ने कहा कि वट सावित्री पूजा भारतीय संस्कृति और महिलाओं के समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व परिवार में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने का संदेश देता है।
“नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना जरूरी” : रंजना जायसवाल
रंजना जायसवाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सनातन परंपराओं और धार्मिक संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। वट सावित्री पूजा भारतीय नारी शक्ति की पहचान है।
“अखंड सौभाग्य और पारिवारिक खुशहाली का प्रतीक है यह पर्व” : मीरा यादव
मीरा यादव ने कहा कि यह पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पति-पत्नी के विश्वास, प्रेम और परिवारिक एकता का प्रतीक है।
“समाज में संस्कार और संस्कृति को मजबूत करता है यह पर्व” : किरण गुप्ता
किरण गुप्ता ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।.......... वट सावित्री पूजा महिलाओं की श्रद्धा और विश्वास का महापर्व” : रीना सोनी
रीना सोनी ने कहा कि वट सावित्री पूजा महिलाओं के अटूट विश्वास और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व परिवार में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
“सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने में महिलाओं की अहम भूमिका” : सीमा केसरी
सीमा केसरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वट सावित्री पूजा हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है।
“पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है यह पूजा” : उर्वशी शर्मा
उर्वशी शर्मा ने कहा कि वट सावित्री पूजा दांपत्य जीवन में प्रेम, सम्मान और विश्वास को मजबूत करने वाला पर्व है।
“नई नवेली महिलाओं में दिखा विशेष उत्साह” : अंकिता अग्रवाल
अंकिता अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष नवविवाहित महिलाओं में पूजा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला, जो हमारी संस्कृति के प्रति बढ़ती आस्था को दर्शाता है।
“धार्मिक पर्व समाज में सकारात्मकता लाते हैं” : सुधा देवी
सुधा देवी ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व समाज में प्रेम, भाईचारा और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।
“परिवार की सुख-शांति के लिए महिलाएं करती हैं यह पूजा” : गीता देवी
गीता देवी ने कहा कि महिलाएं परिवार की खुशहाली, पति की लंबी आयु और घर में सुख-शांति के लिए श्रद्धा के साथ यह व्रत रखती हैं।
“भारतीय संस्कृति की खूबसूरती को दर्शाता है वट सावित्री पर्व” : नीलम कश्यप
नीलम कश्यप ने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और महिलाओं की आस्था की सुंदर झलक प्रस्तुत करता है।
“महिलाओं की एकजुटता और आस्था का प्रतीक बना आयोजन” : श्वेता अग्रवाल
श्वेता अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं को एकजुट करने और सामाजिक समरसता बढ़ाने का कार्य करते हैं।
“संस्कार और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है यह पर्व” : विनीता आनंद
विनीता आनंद ने कहा कि वट सावित्री पूजा हमारी परंपराओं और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
“धर्म और संस्कृति से जुड़ाव समाज को मजबूत बनाता है” : रुचि अग्रवाल
रुचि अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक पर्व लोगों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।
“आस्था और विश्वास का अद्भुत संगम है वट सावित्री पूजा” : प्रीति गुप्ता
प्रीति गुप्ता ने कहा कि यह पर्व महिलाओं की श्रद्धा, विश्वास और पारिवारिक समर्पण की अनूठी मिसाल है।
“महिलाओं की शक्ति और समर्पण का प्रतीक है यह पर्व” : बीना रानी अग्रवाल
बीना रानी अग्रवाल ने कहा कि वट सावित्री पूजा भारतीय नारी की शक्ति, त्याग और समर्पण को दर्शाने वाला पावन पर्व है।
“सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में बढ़ता है भाईचारा” : एकता अग्रवाल
एकता अग्रवाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।
“वट सावित्री पूजा महिलाओं की भावनाओं से जुड़ा पर्व” : आयुषी अग्रवाल
आयुषी अग्रवाल ने कहा कि यह पर्व महिलाओं की भावनाओं, पारिवारिक प्रेम और आध्यात्मिक आस्था से गहराई से जुड़ा हुआ है।..... महिलाओं के स्वास्थ्य, संस्कार और आस्था का प्रतीक है वट सावित्री पूजा” : डॉ. नीतू सिंह
डॉ. नीतू सिंह ने कहा कि वट सावित्री पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं के मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक सशक्तिकरण का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका परिवार और समाज दोनों को मजबूत बनाने में अहम होती है।
“भारतीय परंपरा और पारिवारिक मूल्यों को जीवित रखता है यह पर्व” : प्रतिमा कश्यप
प्रतिमा कश्यप ने कहा कि वट सावित्री पूजा भारतीय संस्कृति, परंपरा और पारिवारिक मूल्यों को जीवित रखने वाला पावन पर्व है। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, एकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। ........ वट सावित्री पूजा महिलाओं की श्रद्धा, समर्पण और संस्कृति का महापर्व” : संध्या केसरी
संध्या केसरी ने कहा कि वट सावित्री पूजा भारतीय नारी के त्याग, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी प्रेम और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। साथ ही उन्होंने महिलाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की। खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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