गढ़वा। शहर के यूपीएचसी टंडवा में शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक ...
गढ़वा। शहर के यूपीएचसी टंडवा में शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला आरसीएच पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी (शहरी स्वास्थ्य मिशन) डॉ अरुण कुमार ने की। इस दौरान शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जमीनी स्तर पर कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।बैठक में जिला शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक सुनील मणि त्रिपाठी, लोक स्वास्थ्य प्रबंधक सच्चिदानंद पांडे, जिला मलेरिया सलाहकार अरविंद कुमार द्विवेदी, पीरामल फाउंडेशन के विनोद कुमार, शालिनी झा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।समीक्षा के दौरान योग्य दंपतियों का सर्वे, वार्ड स्तर पर टीकाकरण की स्थिति, हीट वेव से बचाव में सहियाओं की भूमिका, ओआरएस की उपलब्धता, मलेरिया एवं फाइलेरिया नियंत्रण, एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान, एचबीएनसी और एचबीवाईसी कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। साथ ही सहिया ऐप पर समय पर कार्य अपडेट करने पर विशेष बल दिया गया।जिला स्वास्थ्य प्रबंधक ने अटल क्लीनिक एवं शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ओपीडी संख्या बढ़ाने के निर्देश देते हुए चिकित्सकों, एएनएम, लैब टेक्नीशियन एवं सहियाओं को एक टीम के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं वार्ड स्तर पर टीकाकरण अभियान को तेज करने पर भी जोर दिया गया।बैठक के दौरान जिला मलेरिया सलाहकार अरविंद कुमार द्विवेदी ने फाइलेरिया (हाथी पांव) से ग्रसित मरीजों के लिए एमएमडीटी किट के उपयोग का डेमो प्रस्तुत किया और तीन मरीजों के बीच किट का वितरण भी किया गया। उन्होंने सहियाओं को फाइलेरिया एवं मलेरिया मरीजों की पहचान और सर्वे को तेज करने के निर्देश दिए। वहीं पीरामल फाउंडेशन के विनोद कुमार ने चिन्हित मरीजों के सत्यापन की जानकारी साझा की।मौके पर डॉ अरुण कुमार ने कहा कि “शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सभी को समन्वय के साथ कार्य करना होगा, तभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।”वही डॉ पी. कश्मूर ने कहा कि “स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। टीम वर्क के जरिए ही बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।”वही डॉ गहलोत ने कहा कि “टीकाकरण, मलेरिया और फाइलेरिया नियंत्रण जैसे कार्यक्रमों में सभी स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। समय पर पहचान और इलाज से ही गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है।” वही सुनील मणि त्रिपाठी ने कहा कि “सहियाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, इनके सक्रिय सहयोग से ही टीकाकरण और अन्य कार्यक्रम सफल होंगे।”वही अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा कि
“फाइलेरिया और मलेरिया नियंत्रण के लिए जागरूकता और नियमित सर्वे बेहद जरूरी है, इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए।”वही विनोद कुमार (पीरामल फाउंडेशन) ने कहा कि “चिन्हित मरीजों का सही सत्यापन और फॉलोअप ही बीमारी नियंत्रण की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।”इस अवसर पर डॉ पी कश्मूर, डॉ गहलोत, जहीर अंसारी, सत्यनारायण मालाकार, किरण कुमारी, सारिका कुमारी, आशा कुमारी, धर्मेंद्र कुमार, संजीव कुमार, मंजू कुमारी सहित अटल क्लीनिक के सभी कर्मी एवं शहरी सहिया उपस्थित रहे।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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