गढ़वा। गढ़वा में आस्था और संस्कृति की मजबूत तस्वीर सामने आई, जब मानस मंडली गढ़वा द्वारा आयोजित 578वें सुंदरकांड पाठ में वृंदावन ...
गढ़वा। गढ़वा में आस्था और संस्कृति की मजबूत तस्वीर सामने आई, जब मानस मंडली गढ़वा द्वारा आयोजित 578वें सुंदरकांड पाठ में वृंदावन से पधारे प्रख्यात कथावाचक महाराज श्री पं. कुंज बिहारी शुक्ला की विशेष सहभागिता रही। महाराज श्री ने मानस मंडली के साथ सुंदरकांड पाठ कर भक्तों को भक्ति रस का रसपान कराया, जिससे पूरा वातावरण राममय हो गया।
कार्यक्रम के दौरान माँ काली मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन मुख्य यजमान अग्रवाल परिवार द्वारा महाराज श्री को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूरे अग्रवाल परिवार ने महाराज श्री का आशीर्वाद लिया और भागवत कथा का भावपूर्ण रसपान किया। महाराज श्री ने भी अंगवस्त्र स्वीकार कर अग्रवाल परिवार को स्नेहपूर्वक सम्मानित किया और उनके सुख-समृद्धि की कामना की।वही मेराल में आयोजित भागवत कथा में भी अग्रवाल परिवार की सक्रिय भागीदारी रही। राजीव रंजन अग्रवाल, हर्ष अग्रवाल, आशुतोष अग्रवाल, रुचि अग्रवाल, अंकिता अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, स्वेता अग्रवाल, तेजस अग्रवाल, पवन अग्रवाल, मानस अग्रवाल और पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कथा में शामिल होकर महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही और मानस मंडली गढ़वा की भक्ति-सेवा की सराहना की गई।वही मौके पर राजीव रंजन अग्रवाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी एकता को मजबूत करते हैं।वही हर्ष अग्रवाल ने कहा कि सुंदरकांड और भागवत कथा से जीवन को नई दिशा और शांति मिलती है।वही आशुतोष अग्रवाल ने आयोजन को आध्यात्मिक रूप से प्रेरणादायक बताया।वही रुचि अग्रवाल ने कहा कि महाराज श्री का सान्निध्य परिवार के लिए सौभाग्य की बात है।वही अंकिता अग्रवाल ने आयोजन को भावनात्मक और भक्तिमय अनुभव बताया।वही संतोष अग्रवाल ने कहा कि ऐसी कथाएं संस्कारों को मजबूत करती हैं।वही स्वेता अग्रवाल ने कहा कि भक्ति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य हो रहा है।वही तेजस अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का यह प्रभावी माध्यम है।वही पवन अग्रवाल ने आयोजन को आत्मिक शांति देने वाला बताया।वही मानस अग्रवाल ने कहा कि मानस मंडली गढ़वा का यह प्रयास सराहनीय है।वही
पुरुषोत्तम अग्रवाल ने आयोजन को गढ़वा के लिए गौरवपूर्ण बताया।........
टिप्पणियाँ