125 दिन रोजगार की गारंटी देती है वीबी-जी राम जी योजना-संसद बी. डी. राम गढ़वा। पलामू सांसद विष्ण...
125 दिन रोजगार की गारंटी देती है वीबी-जी राम जी योजना-संसद बी. डी. राम गढ़वा। पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने आज वीबी-जी राम जी जन जागरण अभियान के तहत मेराल प्रखंड के हाई स्कूल के मैदान में आयोजित जिला सम्मेलन में शामिल होकर उपस्थित लोगों को वीबी-जी राम जी अभियान के महत्वों, उदेश्यों एवं लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी.सांसद श्री राम ने कहा कि देश के सभी गांवों, गरीबों और किसानों के चहुमुखी विकास एवं जरूरतमंदों को ग्राम स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए ही केन्द्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अर्थात वीबी जी-राम-जी अधिनियम 2025 लागू किया गया है। 'हर हाथ को काम' मुहैया कराने के लिए इस अधिनियम में एक ग्रामीण परिवार को अब 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। मनरेगा अधिनियम में रोजगार की यह गारंटी मात्र 100 दिन की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीबी जी-राम-जी योजना देश के सभी गांवों की तस्वीर बदल देगी है। यह गरीबों, खेतीहर मजदूरों, किसानों सभी के लिए बेहद लाभकारी है। इस योजना से गांवों के विकास को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पहले किसानों को कृषि से जुड़े कामों के लिए श्रमिक ही नहीं मिलते थे, पर वीबी जी-राम-जी योजना में कृषि के व्यस्ततम समय, विशेषकर बुवाई और कटाई के समय पर्याप्त मात्रा में कृषि श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। इस अधिनियम में राज्यों को एक वित्त वर्ष में कुल 60 दिन की अवधि अधिसूचित करने का प्रावधान किया गया है, बीज बुवाई एवं फसल कटाई की व्यस्ततम समयावधि को भी रोजगार उपलब्ध कराने की अवधि में शामिल किया जा सकेगा। प्रावधान के अनुसार इस अवधि में अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित अन्य कार्य नहीं किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि इस अधिनियम में बेरोजगारी भत्ता और विलम्बित मजदूरी देने का प्रावधान भी रखा गया है। इसमें तहत यदि किसी ग्रामीण परिवार को उसके मांग करने के बावजूद तय समय सीमा के भीतर काम नहीं दिया जाता है, तो राज्य सरकार तय की गई दरों एवं शर्तों के अनुसार संबंधित मांगकर्ता परिवार को बेरोजागारी भत्ता देने के लिए भी बाध्य होगी। इसी तरह काम पूरा कर लेने के बाद भी यदि किसी कारणवश मजदूर को उसकी निर्धारित मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, तो मुआवजे के तहत उसे विलम्बित मजदूरी के रूप में अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान भी इस अधिनियम में है।उन्होंने यह भी कहा कि हितग्राहीमूलक रोजगार कार्यों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गैर अधिसूचित जनजातियां, खानाबदोश, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग मुखिया परिवार, भूमि सुधार के हितग्राही, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं वन अधिकार अधिनियम के हितग्राही, छोटे और सीमान्त किसानों को इस अधिनियम में प्राथमिकता दी जायेगी। अधिनियम में पंचायती राज संस्थाओं - ग्रामसभा, ग्राम पंचायत को भी स्पष्ट जिम्मेदारियां दी गई हैं। अधिनियम में विकसित भारत जी-राम-जी स्कीम में शुरु किए गए निर्माण कार्यों की जियो-टैगिंग, डिजीटल रिकॉडिंग एवं सूचना प्रबंधन प्रणाली तथा नियोजित किए गए सभी मजदूरों को तेजी से समुचित भुगतान देने के लिए डिजीटल तथा बायोमैट्रिक भुगतान प्रणाली और ग्रामसभा द्वारा सोशल ऑडिट द्वारा योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिनियम में पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न स्तरों पर एक समयबद्ध एवं शिकायत निवारण तंत्र तथा कुछ दंडात्मक प्रावधान भी किए गए हैं। इसके लिए शिकायतों के निवारण में पारदर्शिता और इसकी मॉनिटरिंग के लिए शिकायत प्रबंधन सूचना प्रणाली की डिजीटल व्यवस्था स्थापित की जाएगी।उन्होंने कहा की यह योजना गरीबों के लिये वरदान साबित होगी।उक्त अवसर पर गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी,जिला अध्यक्ष उदय कुशवाहा, पूर्व सांसद घूरन राम, सूरज गुप्ता, विनय चौबे, रघुराज पाण्डेय, जिला सांसद प्रतिनिधि प्रमोद चौबे, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी, संतोष दुबे, ओमप्रकाश गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, रामशरीख चंद्रा, कमलेश नंदन सिन्हा, समेत विभिन्न मंडल के मंडल अध्यक्षगण, कार्यकर्त्तागण एवं भारी संख्या में लोग उपस्थित हुए।खबर देखने के लिए channel को सब्सक्राइब करें, बेल आइकॉन को दबाएं, लाइक करें औऱ लिंक को शेयर करें।




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