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नोटिस : गढ़वा समाचार देखने के लिए प्ले स्टोर से गढ़वा समाचार डाउन लोड करे : वीडियो के साथ यूट्यूब पर भी पूरा देखे,खबरे फेसबुक पर भी उपलब्ध है ,यूट्यूब पर सब्सक्राइब जरुर करें और शेयर करना ना भूलें
गढ़वा: झारखंड मुक्ति मोर्चा के गढ़वा जिला कमेटी के लोगों ने मंगलवार को संयुक्त रूप से जिला कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि झारखंड विधान सभा द्वारा एनपीआर-एनआरसी को खारिज करने का प्रस्ताव पारित किया गया है. इस मामले में झामुमो जिला कमेटी ने सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है .साथ ही सराहनीय कदम बताया है. केंद्रीय समिति सदस्य परेस तिवारी ने कहा कि वर्तमान एनपीआर एवं एनआरसी के नियमावली के कारण पूरे देश में विवाद है. यह भेदभाव पूर्ण है तथा पहले भी कई राज्यों ने इसे लागू करने से इंकार कर दिया है. वहीं जिला अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि गढ़वा के जनप्रिय नेता विधायक सह मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर शुरू से ही इस
विवादास्पद कानून का विरोध करते रहे हैं और अपनी चुनावी सभाओं में भी इसे मुद्दा बनाया था .मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर सहित पूरा झारखंड मुक्ति मोर्चा नेतृत्व धन्यवाद का पात्र हैं .जिनके प्रयास विवादास्पद कानूनों को झारखंड विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से रद्द कर दिया गया है. जिला प्रवक्ता धीरज दुबे ने कहा कि भारत का हर काम जनहित में और आम जनों की सेवा के उद्देश्य के तहत होगा .उन्होंने कहा कि एनआरसी -एनपीआर देश विरोधी है. इस देश के गरीब आदिवासी मूलनिवासी जनता परेशान होगी .लाखों लोग प्रखंड कचहरी के चक्कर लगाने को मजबूर हो जाएंगे. इसका प्रयास पहले भी असफल हुआ है. परिणाम स्वरूप असम में 19 लाख लोग कागजात जमा नहीं कर पाए सभी जाति धर्म के गरीब असहाय लोग जिनके पास रहने के लिए घर ही नहीं है, वह कागजात कहां से लाएंगे और प्रक्रिया में अधिकारियों के शोषण का शिकार हो जाएंगे. झारखंड की सरकार झारखंड वासियों के साथ नाइंसाफी नहीं होने देगी.
गढ़वा: झारखंड मुक्ति मोर्चा के गढ़वा जिला कमेटी के लोगों ने मंगलवार को संयुक्त रूप से जिला कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित कर कहा कि झारखंड विधान सभा द्वारा एनपीआर-एनआरसी को खारिज करने का प्रस्ताव पारित किया गया है. इस मामले में झामुमो जिला कमेटी ने सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है .साथ ही सराहनीय कदम बताया है. केंद्रीय समिति सदस्य परेस तिवारी ने कहा कि वर्तमान एनपीआर एवं एनआरसी के नियमावली के कारण पूरे देश में विवाद है. यह भेदभाव पूर्ण है तथा पहले भी कई राज्यों ने इसे लागू करने से इंकार कर दिया है. वहीं जिला अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि गढ़वा के जनप्रिय नेता विधायक सह मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर शुरू से ही इस
विवादास्पद कानून का विरोध करते रहे हैं और अपनी चुनावी सभाओं में भी इसे मुद्दा बनाया था .मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर सहित पूरा झारखंड मुक्ति मोर्चा नेतृत्व धन्यवाद का पात्र हैं .जिनके प्रयास विवादास्पद कानूनों को झारखंड विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से रद्द कर दिया गया है. जिला प्रवक्ता धीरज दुबे ने कहा कि भारत का हर काम जनहित में और आम जनों की सेवा के उद्देश्य के तहत होगा .उन्होंने कहा कि एनआरसी -एनपीआर देश विरोधी है. इस देश के गरीब आदिवासी मूलनिवासी जनता परेशान होगी .लाखों लोग प्रखंड कचहरी के चक्कर लगाने को मजबूर हो जाएंगे. इसका प्रयास पहले भी असफल हुआ है. परिणाम स्वरूप असम में 19 लाख लोग कागजात जमा नहीं कर पाए सभी जाति धर्म के गरीब असहाय लोग जिनके पास रहने के लिए घर ही नहीं है, वह कागजात कहां से लाएंगे और प्रक्रिया में अधिकारियों के शोषण का शिकार हो जाएंगे. झारखंड की सरकार झारखंड वासियों के साथ नाइंसाफी नहीं होने देगी.









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